
जिंसी की सडक़ को चौड़ा करने में आ रहा है बावड़ी का हिस्सा
इंदौर, डा. जितेन्द्र जाखेटिया।
राज्य शासन (State Governance) के जलगंगा संवर्धन (Waterbody Conservation) अभियान के तहत एक तरफ जहां प्राकृतिक जल स्रोतों (Natural water sources) के संरक्षण के लिए काम करने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ एक और बावड़ी (Stepwell) की हत्या की तैयारी भी तेज गति से जारी है। सडक़ निर्माण को आकार देने के लिए इस बावड़ी को बंद किया जाएगा।
रानी सराय की बावड़ी को किया है बंद
हाल ही में मेट्रो रेल के काम के लिए रानी सराय के पुलिस कंट्रोल रूम के परिसर में स्थित बावड़ी को मलबा भरकर बंद किया गया है। इस बारे में क्षेत्र के लोगों द्वारा प्रदर्शन करते हुए इस पहल का विरोध भी किया गया। इस बावड़ी की हत्या पर नगर निगम और प्रशासन की ओर से कोई टीका-टिप्पणी नहीं हुई। हर कोई इस मामले को दबाने और भुलाने में लगा हुआ है।
कुएं को भी कर दिया है बंद
डीआरपी लाइन चौराहा से राजकुमार मिल रेलवे ओवरब्रिज की ओर जाने वाले रास्ते पर दाईं ओर एक प्राचीन कुआं था। इस कुएं से भी क्षेत्र के लोगों की पानी की आवश्यकता की पूर्ति किसी समय पर हुआ करती थी। इस कुएं को नगर निगम ने मलबा भरकर बंद कर दिया था। जब इसके विरोध में जमकर स्वर उठे तो नगर निगम ने मलबा तो निकाल लिया, लेकिन ऊपर से स्लैब भरकर इस कुएं के नाम और निशान को भी समाप्त कर दिया है।
ऐसी ही बावड़ी पर हुआ था हादसा
नगर निगम द्वारा अब जिंसी की बावड़ी पर जिस तरह से सीमेंट की स्लैब डालने का फैसला लिया गया है, वैसा ही काम पटेल नगर की बावड़ी पर हुआ था। इस बावड़ी पर यह स्लैब 30 मार्च 2023 को रामनवमी के दिन धंस गई थी। इस घटना में 36 लोगों की मौत हो गई थी। अब एक बार फिर नगर निगम द्वारा पटेल नगर के जैसी स्लैब जिंसी की बावड़ी पर डालने की तैयारी की जा रही है।
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