
नई दिल्ली: गुजरात (Gujarat) के गिर अभयारण्य (Gir Sanctuary) और उसके आसपास के राजस्व क्षेत्रों में शेरों की संदिग्ध मौतों ने चिंता बढ़ा दी है. अब तक कुल 8 शेरों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर शावक हैं. वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने गांधीनगर में जानकारी देते हुए कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में कोई नई मौत का मामला सामने नहीं आया है. वन विभाग की टीमें और अनुभवी पशु चिकित्सक लगातार मौके पर निगरानी कर रहे हैं. गिरगढ़ड़ा तालुका और अमरेली के बाबरिया क्षेत्र में यह घटनाएं सामने आई थीं.
प्राथमिक जांच में इन मौतों का कारण ‘बेबेसिओसिस’ नाम के वायरस बताया जा रहा है, जो चिचड़ी से फैलता है. इसको देखते हुए वन विभाग ने मृत शेर शावकों के नमूने तुरंत गुजरात जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र (GBRC) भेज दिए हैं. रिपोर्ट अगले 3 से 4 दिनों में आने की उम्मीद है. इसके साथ ही जूनागढ़ पशु चिकित्सा महाविद्यालय के विशेषज्ञ डॉक्टर भी जांच में शामिल किए गए हैं. प्रभावित क्षेत्र के 10 किलोमीटर दायरे में रहने वाले शेरों को अलग कर क्वारंटीन किया गया है.
गिर में शेर शावकों की मौत से हड़कंप
वन विभाग की ओर से गिर और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर टिक (कीड़े) मारने का अभियान चलाया जा रहा है. यह अभियान युद्धस्तर पर जारी है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके. मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में हुई मौतों पर सरकार गंभीर है, लेकिन असली कारण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा.
पीएमओ और सीएम कार्यालय भी स्थिति पर रखे हुए नजर
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उनका कार्यालय स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय भी इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है. वन मंत्री ने कहा कि जहां जरूरत होगी वहां टीकाकरण और अन्य सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि एशियाई शेरों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है.
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