
डेस्क। Gujarat Unitversity से BA की पढ़ाई कर रहा आजीवन कारावास की सजा पाया एक कैदी जब अपनी अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी करने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में टेम्पररी बेल की मांग करने पहुंचा तो अदातल ने जेल के अंदर जरूरी इंतजाम कराने की बात कही। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर जेल में रहकर वर्चुअली इंटर्नशिप की जा सकती है तो जेल में इंटरनेट का इंतजाम किया जाए।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस कैदी का नाम भूपत रबारी और उम्र 26 साल है। भूपत रबारी ने हाईकोर्ट में तर्क दिया था कि इंटर्नशिप को पूरी किए बिना उसको BA की डिग्री नहीं मिलेगी। हालांकि, सुनवाई के दौरान गुजरात यूनिवर्सिटी की तरफ से पेश वकील ने जस्टिस Nirzar Desai की बेंच को बताया, ‘BA के स्टूडेंट्स के लिए इंटर्नशिप अनिवार्य है, लेकिन यह जेल के अंदर रहकर भी पूरी की जा सकती है।’
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इसके बाद, कैदी भूपत रबारी ने अपनी जमानत याचिका को वापस ले लिया। हालांकि, गुजरात यूनिवर्सिटी ने यह साफ नहीं किया कि जेल के अंदर रहकर किस तरह से इंटर्नशिप हो सकती है। जान लें कि भूपत रबारी को साल 2018 के एक किडनैपिंग और फिरौती मांगने मामले में सेशन कोर्ट ने 2020 में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा दी थी।
भूपत रबारी अभी साबरमती सेंट्रल जेल में कैद है और वहीं रहते हुए अपनी पढ़ाई कर रहा है। पहले वह BSc का स्टूडेंट था और लेकिन बाद में गुजरात यूनिवर्सिटी में एक्सटर्नल स्टूडेंट के तौर पर BA में दाखिला लिया। उसे छठे सेमेस्टर का एग्जाम देने के लिए 10 दिन की जमानत दी गई थी, इसीलिए हाईकोर्ट ने उसे दोबारा बेल देने से इनकार कर दिया।
हालांकि, जेल के अंदर से इंटर्नशिप की बात पर भूपत रबारी के वकील ने हाईकोर्ट से अपील की कि इंटर्नशिप पूरी करने के लिए जेल के प्रशासन को इंटरनेट सर्विस उपलब्ध कराने का निर्देश दे दें, क्योंकि कैदियों के इंटरनेट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा, ‘अगर इंटर्नशिप वर्चुअल माध्यम से करने की इजाजत है, तो जेल प्रशासन जरूरी इंतजाम कर सकता है।’
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