img-fluid

क्या MP में बिना टीचर चल रहे 1900 सरकारी स्कूल? हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

July 21, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने राज्य सरकार को एक याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य में लगभग 1,900 सरकारी स्कूल बिना किसी टीचर के चल रहे हैं। एक की रिपोर्ट के अनुसार, एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने 14 जुलाई को इस मामले पर सुनवाई कर प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। इस नोटिस का जवाब चार हफ्ते के अंदर देना होगा।

यह याचिका वकील सौरभ त्रिपाठी ने दायर की थी और उन्होंने खुद ही मामले की पैरवी भी की। यह याचिका ‘कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल’ (CAG) की एक रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें 2018 से मार्च 2023 के बीच मध्य प्रदेश के 66,814 सरकारी स्कूलों की जांच की गई थी। याचिका के अनुसार, इस ऑडिट में पाया गया कि 1,895 स्कूलों में, जिनमें 1,379 ऐसे स्कूल भी शामिल थे जहां छात्र नामांकित थे वहां एक भी टीचर नहीं था।


  • मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस दिया
    याचिका में यह भी कहा गया है कि राज्य भर में टीचरों की तैनाती असमान रूप से की गई है। इसमें दावा किया गया है कि 435 ऐसे स्कूल थे जहन कोई छात्र नहीं था, फिर भी वहां टीचर तैनात थे; वहीं 128 टीचरों को ऐसे 320 स्कूलों में भेजा गया जहां टीचिंग के लिए कोई मंज़ूर पद ही नहीं थे।

    इसमें आगे कहा गया है कि 10वीं कक्षा में पास होने का प्रतिशत 2018-19 में 67 प्रतिशत और 2021-22 में 38 प्रतिशत गिर गया। अप्रैल 2026 में ‘दैनिक भास्कर’ के इंदौर एडिशन की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए, याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि इंदौर, मंडल और श्योपुर समेत कई जिलों के शिक्षा अधिकारियों ने नियमों के मुताबिक स्कूलों का निरीक्षण नहीं किया। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और DIET के दफ्तरों से 14 अधिकारियों को दूसरे विभागों में काम करने के लिए भेजा गया था, जबकि उनकी सैलरी कुल मिलाकर लगभग 3.27 करोड़ रुपये स्कूल शिक्षा विभाग ही देता रहा।

    CAG रिपोर्ट में शिक्षकों की कमी का खुलासा हुआ
    इसे संविधान के तहत बच्चों के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए, याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की है कि वह राज्य सरकार को निर्देश दे कि जिन 1,895 स्कूलों में अभी कोई टीचर नहीं है, वहां एक तय समय-सीमा के भीतर टीचरों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने स्कूलों में टीचरों की तैनाती के तरीके की जांच के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाने की भी मांग की है।

    याचिका पर गौर करते हुए, बेंच ने एक आदेश जारी किया जिसमें राज्य और मामले से जुड़े अन्य पक्षों को नोटिस भेजने का निर्देश दिया गया। कोर्ट के आदेश में कहा गया है, ‘सात कामकाजी दिनों के भीतर प्रोसेस फीस जमा करने पर RAD मोड से प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया जाए; नोटिस का जवाब चार हफ्तों के भीतर आना चाहिए।’

    Share:

  • जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए लोगों की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए - आप संयोजक अरविंद केजरीवाल

    Tue Jul 21 , 2026
    नई दिल्ली । आप संयोजक अरविंद केजरीवाल (AAP Convener Arvind Kejriwal) ने माग की कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद (Following protest at Jantar Mantar) हिरासत में लिए गए लोगों की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए (Full list of People Detained should be Made Public) । आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved