
उज्जैन। विद्यार्थियों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश के अब मात्र 9 दिन शेष बचे हैं, जिसके बाद 16 जून से स्कूलों में नियमित कक्षाएं लगना शुरू हो जाएंगी। एक तरफ जहां शिक्षा विभाग इस कोशिश में जुटा है कि नया सत्र शुरू होने से पहले स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था हो जाए, वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
राज्य शासन की स्थानांतरण नीति 2026-27 के अंतर्गत जनजाति कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल पर स्थानांतरण आवेदनों के लिए 8 जून तक का समय निर्धारित किया है। ऐसे में शिक्षकों को चॉइस फिलिंग के साथ आवेदन जमा करने के लिए अब केवल 2 दिन का समय और बचा है। विभाग की ओर से पहले यह दावा किया जा रहा था कि ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने से पहले ही तबादलों का दौर पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन धरातल पर फिलहाल ऐसी स्थिति नजर नहीं आ रही है। कई विकासखंडों और क्षेत्रों में अब तक आवेदन पोर्टल ही शुरू नहीं हो पाए हैं, तो कहीं गंभीर नेटवर्किंग की दिक्कतें आ रही हैं। इस तकनीकी कछुआ चाल के कारण शिक्षक समय पर आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों के नहीं होंगे तबादले
तबादला नीति के बीच विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि जो शिक्षक वर्तमान में जनगणना या अन्य महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों में ड्यूटी पर लगे हैं, उनके तबादले फिलहाल नहीं किए जाएंगे।
असमंजस की स्थिति हुई
इस पूरी लेटलतीफी और तकनीकी कमियों के कारण समय पर नई नियुक्तियां होना मुश्किल लग रहा है। ऐसे में तय माना जा रहा है कि 16 जून को जब स्कूल खुलेंगे, तो कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
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