
उज्जैन। राजस्थान पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर को उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर परिसर से गिरफ्तार किया। आरोपी तीन साल से फरार था। कालसर्प दोष के निवारण के लिए पूजा करवा रहा था, तभी राजस्थान की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने उसे दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी राकेश जाट नीमच का रहने वाला है। बुधवार को वह उज्जैन के मंगलनाथ क्षेत्र में कालसर्प दोष की पूजा करवा रहा था। इसी दौरान राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया। कार्रवाई इतनी तेजी से हुई कि राकेश कुछ समझ पाता, उससे पहले ही उसे पुलिस वाहन में बैठाकर जयपुर रवाना कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, फरारी के दौरान राकेश मानसिक तनाव में रहने लगा था। उसने एक पंडित को अपनी कुंडली दिखाई। पंडित ने कालसर्प दोष बताते हुए उसके निवारण के लिए उज्जैन में पूजा कराने की सलाह दी थी। इसके बाद वह पूजा-अर्चना के लिए उज्जैन पहुंचा था। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मुखबिर से सूचना मिली थी कि राकेश उज्जैन में मौजूद है। इसके बाद टीम सादे कपड़ों में श्रद्धालु बनकर महाकाल मंदिर और आसपास के मंदिरों में निगरानी करती रही। मंगलनाथ क्षेत्र के एक मंदिर में हवन-पूजन कर रहे राकेश की पहचान होने पर टीम ने उसे दबोच लिया। जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने राकेश जाट पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। वह लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था। पहचान छिपाने के लिए बार-बार मोबाइल नंबर बदलता था और ज्यादातर समय फोन बंद रखता था। पुलिस के मुताबिक, राकेश जाट करीब 10 वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा है। डिप्लोमा होल्डर होने के बावजूद वह जल्दी पैसा कमाने के लालच में इस धंधे में उतर गया था। बाद में वह अंतरराज्यीय तस्कर बन गया।
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