
भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) सरकार (Government) सरकारी सेवाओं में भर्ती के नियमों को और सख्त बनाने की तैयारी कर रही है। सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) द्वारा जारी मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 2026 के प्रारूप में प्रस्ताव किया गया है कि एक से अधिक जीवित जीवनसाथी रखने वाले व्यक्तियों को सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य माना जाएगा। हालांकि विशेष परिस्थितियों में राज्य सरकार को छूट देने का अधिकार रहेगा। विभाग ने मसौदा नियमों पर आमजन, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से 15 जून तक सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम नियम अधिसूचित किए जाएंगे।
मसौदा नियमों में राज्य सरकार ने मौजूदा दो-संतान संबंधी प्रावधान को यथावत रखा है। इसके तहत ऐसे उम्मीदवार सरकारी सेवा के लिए पात्र नहीं होंगे जिनके दो से अधिक जीवित बच्चे हों और उनमें से कोई एक संतान 26 जनवरी 2001 या उसके बाद जन्मी हो। हालांकि, यदि पहली संतान के बाद एक ही प्रसव में एक से अधिक बच्चों का जन्म होता है, तो ऐसे मामलों को इस नियम से छूट दी जाएगी। राज्य सरकार दो-संतान नीति को कैबिनेट के समक्ष लाने पर भी विचार कर रही है।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार नैतिक अधमता (Moral Turpitude) से जुड़े अपराधों में दोषसिद्ध व्यक्तियों को भी सरकारी सेवा में नियुक्ति नहीं दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि मसौदा नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सभी संबंधित पक्षों के सुझावों और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद नए सेवा नियम लागू किए जा सकते हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved