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तेलंगाना : मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान पर राजनीतिक बवाल, जानें क्या बोले…

June 07, 2026

हैदराबाद. तेलंगाना (Telangana) के मुख्यमंत्री (Chief Minister ) ए. रेवंत रेड्डी (Revanth Reddy) के एक बयान ने बड़ा राजनीतिक विवाद (Political uproar) खड़ा कर दिया है. रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया एवं संपत्ति संरक्षण एजेंसी (HYDRAA) के नाम और अवधारणा को उन्होंने जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर से प्रेरित होकर चुना था. हाइड्रा तेलंगाना की अतिक्रमण रोधी एजेंसी है. मुख्यमंत्री रेड्डी के इस बयान पर बीजेपी और बीआरएस समेत विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.


  • बेंगलुरु में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा, ‘हाइड्रा शब्द हिटलर का पसंदीदा शब्द था. उसकी कोर टीम को हाइड्रा कहा जाता था, जो किसी की भी हत्या कर सकती थी. मैंने हिटलर से प्रेरणा लेकर राज्य की अतिक्रमण रोधी एजेंसी का नाम HYDRAA रखा.’ हालांकि, इतिहासकारों ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के इस दावे पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि हिटलर की किसी कोर टीम का नाम Hydra होने का कोई ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है.

    इतिहासकारों के मुताबिक ‘Hydra’ नाम द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी के खिलाफ ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स के एक बमबारी मिशन से जुड़ा था. मुख्यमंत्री रेड्डी के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस को घेरते हुए तीखा हमला बोला. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘कांग्रेस की खतरनाक हिटलर और इमरजेंसी मानसिकता एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है.’ पूनावाला ने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी खुलेआम यह कह रहे हैं कि HYDRAA बनाने की प्रेरणा उन्हें हिटलर से मिली.

    बीजेपी प्रवक्ता ने इसे कांग्रेस की तानाशाही सोच करार दिया और कहा कि इंदिरा गांधी की इमरजेंसी से लेकर पत्रकारों और छात्रों पर कार्रवाई तक यही मानसिकता दिखाई देती है. शहजाद पूनावाला ने रेवंत रेड्डी के उस कथित बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री उत्तर भारत से हैं और दक्षिण भारत के लोगों को दूसरे दर्जे का नागरिक नहीं बनना चाहिए. पूनावाला ने इन टिप्पणियों को विभाजनकारी बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता उत्तर-दक्षिण विभाजन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं.

    बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, ‘प्रधानमंत्री गुजरात से हैं और देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति ओडिशा से हैं. इसके बावजूद ऐसे बयान भारत को बांटने वाली राजनीति को बढ़ावा देते हैं.’ बता दें कि गुजरात भारत के पश्चिमी छोर पर पड़ता है, जबकि ओडिशा पूवी छोर पर. रेवंती रेड्डी का प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू को उत्तर भारत का बताना तथ्यात्मक रूप से गलत है.

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