
कोलकाता. ‘गुंडे सब भाग गए, बाकी जो बचे-खुचे हैं, मेरे ऊपर छोड़ दीजिए… मुख्यमंत्री (CM) होने के नाते ज्यादा बोल नहीं सकता. मौसम बदल (weather is changing.) रहा है और आने वाले समय में और बदलेगा.’ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari ) का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल है. इधर, चुनाव में घुसपैठ का मुद्दा जोर-शोर से उठाने वाली भाजपा के तेजतर्रार नेता ने देश को बताया है कि 4,800 लोगों को डिपोर्ट किया जा चुका है और 836 लोग देश से निकाले जाने की कतार में हैं. सुवेंदु अधिकारी ने बॉर्डर सिक्योरिटी पर खासा जोर दिया है. पिछले दिनों खबर आई थी कि बीएसएफ की तरफ से सीमा पर बाड़बंदी तेज किए जाने के बाद संभवत: अवैध प्रवासी अपने आप बांग्लादेश लौटने लगे थे.
रविवार को न्यू टाउन इलाके में ‘दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान’ नाम से भाजपा की एक वर्कशॉप को संबोधित करते हुए सुवेंदु ने कहा कि सत्ता में आने के बाद हमारी सरकार ने भाजपा के प्रमुख राजनीतिक वादों में से एक पर तेजी से काम किया. उनका इशारा अवैध प्रवासियों और बॉर्डर सिक्योरिटी की तरफ था. सुवेंदु ने कहा कि बंगाल की नई सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में बॉर्डर सिक्योरिटी और अवैध प्रवासियों की पहचान करना शामिल है. नीचे वायरल वीडियो देखिए.
भाजपा की वर्कशॉप पार्टी कार्यकर्ताओं को गवर्नेंस, पब्लिक कंडक्ट, संगठन और सरकार के बीच तालमेल के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित की गई थी.
सुवेंदु ने देश को दिया आंकड़ा
हां, सुवेंदु ने बताया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता के लिए योग्य नहीं पाए गए 4,800 लोगों को पहले ही वापस भेजा जा चुका है, जबकि 836 लोग अभी सीमावर्ती जिलों में बने होल्डिंग सेंटर्स से वापस भेजे जाने के इंतजार में हैं.
सुवेंदु ने बताया कि उनकी सरकार ने बॉर्डर सिक्योरिटी को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है और पद संभालने के बाद अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही बॉर्डर पर फेंसिंग लगाने के लिए BSF को जमीन ट्रांसफर करने को मंजूरी दी. उनके अनुसार, कुल 556 किलोमीटर के हिस्से में फेंसिंग की जरूरत है.
कुल 556 किमी इलाके में फेंसिंग होगी
सुवेंदु ने कहा, ‘बॉर्डर सिक्योरिटी हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है इसीलिए हमने जरूरी 556 किलोमीटर में से लगभग 100 किमी जमीन फेंसिंग के काम के लिए BSF को सौंप दी है.’
बांग्लादेशी और रोहिंग्या के लिए चेतावनी
अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर भाजपा के पुराने रुख से इस पहल को जोड़ते हुए, मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि सरकार ने घुसपैठियों, खासकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने का अभियान शुरू किया है. यह एक तरह से अवैध प्रवासियों के लिए चेतावनी है.
केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की नीति के अनुसार, बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले हिंदू प्रवासी CAA के तहत भारतीय नागरिकता के लिए योग्य हैं. जो लोग इस दायरे में नहीं आते, उन्हें वापस भेज दिया जाएगा.
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