img-fluid

नीरव मोदी को राहत? CBI को 321 करोड़ के बैंक फ्रॉड केस में भ्रष्टाचार के सबूत नहीं मिले

June 12, 2026

नई दिल्ली। भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी  (Nirav Modi) से जुड़े 321.88 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत को बताया है कि विस्तृत जांच के बावजूद पीएनबी (PNB) अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को साबित करने वाला कोई ठोस सबूत नहीं मिला। इसके बाद मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने इस मामले को मजिस्ट्रेट कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है।


  • यह मामला पीएनबी के मुंबई जोनल कार्यालय की शिकायत पर दर्ज किया गया था। आरोप था कि नीरव मोदी से जुड़ी कंपनियों ने बैंक से मिली क्रेडिट सुविधाओं का दुरुपयोग कर 321.88 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

    CBI कोर्ट से बाहर हुआ मामला
    विशेष जज जेपी दरेकर की अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई के लोक अभियोजक विक्रम सिंह ने कहा कि जांच में बैंक अधिकारियों या किसी निजी व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला नहीं बनता और एजेंसी अब केवल निजी व्यक्तियों के खिलाफ अंतिम चार्जशीट दाखिल करेगी।

    भ्रष्टाचार के आरोप हटने के बाद मामला विशेष सीबीआई अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर हो गया। अदालत ने सीबीआई की याचिका स्वीकार करते हुए केस को मुंबई के एस्प्लेनेड स्थित अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में भेज दिया, जहां अब सुनवाई भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत होगी।

    किन कंपनियों के बीच हुआ था फर्जी लेनदेन?

    पीएनबी की आंतरिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, नीरव मोदी के नियंत्रण वाली विभिन्न साझेदारी फर्मों और कंपनियों के बीच पैसों को घुमाने के लिए सर्कुलर ट्रांजेक्शन किए जा रहे थे। इस धोखाधड़ी में नीरव मोदी की कई कंपनियां शामिल थीं। उनमें सोलर एक्सपोर्ट्स, स्टेलर डायमंड्स और डायमंड आर यूएस शामिल हैं। इनके अलावा फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेड और फायरस्टार डायमंड्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है।

    इस मामले में नीरव मोदी के अलावा फायरस्टार के पूर्व वित्त अध्यक्ष विपुल अंबानी और मुख्य वित्तीय अधिकारी रवि शंकर गुप्ता सहित कई अन्य निदेशकों को भी आरोपी बनाया गया है।

    मुख्य घोटाले से अलग है यह केस

    ध्यान रहे कि यह 321.88 करोड़ का केस नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी द्वारा किए गए 13,000 करोड़ से अधिक के मुख्य पीएनबी घोटाले से अलग है। मुख्य घोटाले की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) दोनों कर रहे हैं, जिसमें मुंबई की ब्रेडी हाउस शाखा के बैंक अधिकारियों को रिश्वत देने के पुख्ता आरोप हैं। नीरव मोदी फिलहाल लंदन की वांड्सवर्थ जेल में बंद है और भारत सरकार लगातार उसकी प्रत्यर्पण की कोशिशों में जुटी हुई है।

    Share:

  • थाईलैंड की भावी शासक प्रिसेज बज्रकितियाभा का निधन..., 3 साल तक कोमा में रही

    Fri Jun 12 , 2026
    बैंकॉक। थाईलैंड (Thailand) की भावी शासक राजकुमारी, बज्रकितियाभा (Princess Bajrakitiyabha) का निधन हो गया है। शुक्रवार सुबह शाही परिवार ने एक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। राजा महा वजिरालॉन्गकॉर्न (King Maha Vajiralongkorn) की सबसे बड़ी बेटी और देश की सबसे लोकप्रिय शाही हस्तियों में से एक, ‘प्रिंसेस भा’ पिछले साढ़े 3 साल से […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved