मुंबई। महाराष्ट्र के जालना जिले (Jalna District) में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर ऐसा विरोध प्रदर्शन किया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। जिले के भोकरदन क्षेत्र (Bhokardan area) में दो किसानों ने कुएं के भीतर चारपाई लटकाकर उस पर बैठकर आंदोलन शुरू कर दिया। किसानों के इस अनोखे तरीके की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।
आंदोलन करने वाले किसानों की पहचान नारायण लोखंडे और विकास जाधव के रूप में हुई है। दोनों किसानों ने सरकार और प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए कुएं के अंदर खाट डालकर विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि लंबे समय से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, इसलिए उन्हें यह अनूठा तरीका अपनाना पड़ा।
आंदोलनकारी किसानों की प्रमुख मांग राज्य के सभी किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी है। उनका कहना है कि सरकार ने दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी की घोषणा तो की है, लेकिन इसके साथ कई शर्तें जोड़ दी गई हैं। इन नियमों के कारण बड़ी संख्या में किसान योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
किसानों ने मांग की कि बिना किसी शर्त के सभी किसानों का कर्ज माफ किया जाए और सातबारा रिकॉर्ड को पूरी तरह कर्जमुक्त कर साफ किया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।
फसल बीमा और समर्थन मूल्य की भी मांग
किसानों ने केवल कर्जमाफी ही नहीं, बल्कि अन्य कृषि संबंधी मुद्दों को भी उठाया। उनका कहना है कि जिन किसानों ने फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम जमा किया है, उन्हें जल्द और पूरा बीमा भुगतान मिलना चाहिए।
इसके अलावा किसानों ने कृषि उपज के लिए उचित समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने, खाद वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था समाप्त कर ऑफलाइन प्रक्रिया लागू करने और विभिन्न कृषि योजनाओं के तहत लंबित राशि जल्द जारी करने की मांग की।
आंदोलनकारियों ने कहा कि गाय गोठा, वृक्षारोपण और सिंचाई कुओं से जुड़ी योजनाओं के तहत मिलने वाली कुशल एवं अकुशल निधि का भुगतान भी समय पर किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि कई किसानों को इन योजनाओं का लाभ अभी तक नहीं मिला है।
ज्ञापन सौंपने के बाद खत्म हुआ आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों द्वारा ज्ञापन स्वीकार किए जाने के बाद किसानों ने फिलहाल अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
हालांकि उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। आंदोलन के दौरान किसानों की नारेबाजी से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और बड़ी संख्या में लोग इस अनोखे विरोध प्रदर्शन को देखने पहुंचे।
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