
उत्तरप्रदेश में पुलिस गुंडों को गोली मारने में नहीं हिचकिचाती है… देखते ही जहन्नुम पहुंचाती है… पुलिस को देखते ही गुंडे तो गुंडे बाहुबली भी बिदकते हैं और जनता के नुमाइंदे कालर खोलकर चलते हैं…और हमारे प्रदेश के सबसे बड़े शहर में पुलिस पिटती ही नहीं, मुंह छिपाती है…सर फुड़वाकर दुबक जाती है…इंसाफ के लिए अपने ही महकमे के सामने गुहार लगाती है…थाना प्रभारी से लेकर सारे बड़े अधिकारी बगलें झांकते हैं…दो दिन क्या न करें या करें की मशक्कत में गुजर जाते हैं… फिर पुलिस के मुखिया हिम्मत दिखाते हैं और हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाते हैं…फिर चार दिन बीत जाते हैं, एक भी हमलावर गिरफ्तार नहीं होता है…समझ में आ जाना चाहिए कि इस प्रदेश में कानून के हाथ बंध चुके हैं…गुंडे बेलगाम हो चुके हैं…माफियाओं का राज चल रहा है… राजनीतिक संरक्षण में सुपारीबाज गुंडे पुलिस की छाती पर चढक़र अपनी ताकत और हिमाकत का तांडव दिखाने और सभ्यता को रौंदने के लिए सडक़ों पर उतर चुके हैं…सभ्यता को अब अपना दामन बचाना पड़ेगा…शरीफों को अब मुंह छिपाना पड़ेगा…लुटने-पिटने, बर्बाद और तबाह होने से बचाने वाली पुलिस जब पिट-पिटाकर दुबक जाए…अपनी वर्दी की आबरू दांव पर लगाए… इस शहर के नेता खामोश नजर आएं तो हम समझ जाएं कि नजारा बदल चुका है…नजरें बदल चुकी हैं…कनाडिय़ा की जिस डायमंड कालोनी को माफियाओं से शिवराज की सरकार ने कई बार बचाया…छाती चौड़ी कर पुलिस ने गुंडों को ठिकाने लगाया, उसी कालोनी पर कब्जा करने के लिए माफियाओं ने अब इतने ताकतवर लोगों को अपना मसीहा बनाया कि वो पुलिस को खूनाझार करते हैं…16 टांके लगने के बाद भी महकमे के साथियों का जमीर नहीं जागता है…पकड़-धकड़ तो दूर मुकदमा तक कायम नहीं किया जाता है… टटपुंंजे अपराधियों का जुलूस निकालकर सीना चौड़ा करने वाली पुलिस के तमगों पर लगा यह दाग पूरे शहर को शर्मिंदा कर जाता है… जो शहर पूरे प्रदेश में सर्वाधिक राजस्व देता है… जिस शहर का व्यापार इस भरोसे कुलांचे भरता है कि इस शहर में शांति और सुरक्षा का माहौल रहता है… जिस शहर पर सरकार की नजर रहती है… जिस शहर का प्रभार खुद मुख्यमंत्री संभालते हैं… उस शहर में यदि पुलिस पिटने लग जाए… कानून बिदकने लग जाए… गुंडे हावी होने लग जाएं… सुरक्षा पर सवाल उठने लग जाएं तो मुख्यमंत्री को खुद संज्ञान लेना चाहिए… हडक़ंप अपराधियों में मचना चाहिए… जनता से पहले पुलिस को सुरक्षा की ग्यारंटी मिलनी चाहिए… उनका मान-सम्मान बचना चाहिए तभी वे सीना चौड़ा कर अपराध को मिटा पाएंगे…
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