
कई पदों पर पार्षद और विधायक के खास लोगों का कब्जा
इंदौर। भाजपा (BJP) संगठन जल्द ही वार्ड अध्यक्षों की नई सूची जारी करने वाला है। अभी तक वार्ड अध्यक्ष (Ward Chairperson) पद पर वर्षों से पार्षद और विधायक समर्थकों (Supporters of the MLA) का कब्जा है। चुनावी साल को देखते हुए नए तरीके से वार्ड की इकाई का गठन किया जाएगा। फिलहाल नगर संगठन ने मंडल अध्यक्षों से सक्रिय कार्यकर्ताओं की जानकारी निकालना शुरू कर दिया है।
भाजपा भले ही लाख दावे करती है कि संगठन और सत्ता दोनों अलग-अलग रहते हैं। इसलिए पदाधिकारियों का चयन भी सत्ता में बैठे लोगों के समर्थकों की बजाय सक्रिय कार्यकर्ताओं के बीच से किया जाता है, लेकिन ऐनवक्त पर पार्षद और विधायकों की राय को भी तवज्जो दी जाती है और वे अपने-अपने समर्थकों को संगठन में पद दिलाने में कामयाब हो जाते हैं। इंदौर के सभी 85 वार्डों में वार्ड अध्यक्ष लंबे समय से काबिज है। भाजपा ने सभी अध्यक्षों के बदलने की योजना तैयार की है और इसके लिए नीचे की इकाई से नाम मांगे गए हैं। ये सभी वार्ड अध्यक्ष करीब पांच सालं से इसी पद पर जमे हुए हैं। जिन्हें वार्ड अध्यक्ष के पद से हटाया जाएगा, उन सक्रिय अध्यक्षों को पार्टी में अन्य जवाबदारी सौंपी जाएगी, वहीं कोशिश की जा रही है कि जो नया अध्यक्ष आए वह पार्षद या विधायक की पसंद का न हो, क्योंकि वह संगठन के कामों की अपेक्षा जिन्होंने पद दिलवाया है, उनका गुणगान करते रहते हैं। संभवत: जुलाई माह में सभी 85 वार्डों में नए अध्यक्ष देखने को मिल सकते हैं।