
इंदौर। सावन मास के पावन पर्व की शुरुआत से पहले इंदौर-खंडवा मार्ग पर कावड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित दुर्घटनाओं को टालने के लिए बड़े प्रशासनिक निर्णय लेने की मांग उठने लगी है। इस व्यस्त और पहाड़ी मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए ट्रक, ट्राले और अन्य भारी वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का आग्रह किया गया है।
सावन के दौरान नर्मदा तट पर स्थित ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर से उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर तक लगभग दो महीने सतत रूप से कावड़ यात्रियों की पदयात्रा चलती है। इंदौर-खंडवा मार्ग का एक बड़ा हिस्सा पहाड़ी और घुमावदार है। विशेषकर भेरूघाट और संकरे घाटों पर हमेशा बड़ी दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है।
इस मार्ग पर यातायात का दबाव अत्यधिक होने के कारण मामूली दुर्घटना के बाद भी घंटों लंबा जाम लग जाता है, जिससे पैदल चल रहे कावड़ यात्रियों और छोटे वाहन चालकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। पूर्व में भी भारी वाहनों की वजह से कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें श्रद्धालु भी शिकार हुए हैं। महामंडलेश्वर रामजी बाबा ने बताया कि सरकार को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के इंतजाम करना चाहिए। इसमें पुलिस प्रशासन को निर्देश भी जारी हो तो बेहतर रहेगा।
मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को लिखा पत्र
मार्ग की संवेदनशीलता और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री व इंदौर जिला प्रभारी डॉ. मोहन यादव के साथ-साथ इंदौर और खंडवा के जिला प्रशासन से इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की मांग की गई है। पत्र के माध्यम से आग्रह किया गया है कि सावन के दौरान इंदौर से खंडवा और खंडवा से इंदौर की ओर आने-जाने वाले सभी भारी व व्यावसायिक वाहनों को पूर्णत: प्रतिबंधित कर वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाए, ताकि कावड़ यात्रियों को सुगम और सुरक्षित मार्ग मिल सके। इस संबंध में मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई का अनुरोध इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता घनश्याम जोशी ने किया है।
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