
मुख्यमंत्री ने बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कृषि अर्थव्यवस्था का नया विजन पेश किया
इंदौर । मध्यप्रदेश (MP) की कृषि व्यवस्था (Agricultural system) अब बदलाव के नए दौर में प्रवेश कर रही है। सरकार की मंशा किसानों (farmers) को केवल फसल उत्पादन तक सीमित रखने की नहीं, बल्कि उन्हें प्रसंस्करण, उद्योग और बाजार से जोडक़र आत्मनिर्भर बनाने की है।
मुख्यमंत्री ने कल लक्ष्मीबाई नगर कृषि उपज मंडी परिसर से राज्यस्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार द्वारा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन, सहकारिता, एमएसएमई, ऊर्जा और राजस्व सहित 16 विभागों को एक मंच पर लाकर किसानों की आय बढ़ाने के लिए समन्वित कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में 13 नवंबर तक कृषि आधारित तकनीकी प्रशिक्षण और जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए समानांतर काम किया जा रहा है।
मंत्री विजयवर्गीय की पहल पर 400 लोगों को छत मिली
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले किसानों को कृषि ऋण पर 18 प्रतिशत तक ब्याज देना पड़ता था, जबकि प्रदेश सरकार ने किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई है। कार्यक्रम में किसानों के बीच मंडी परिसर में सालों से निवासरत करीब 80 परिवारों के 400 लोग भी बैठे थे। मंत्री विजयवर्गीय ने अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कहा कि इन परिवारों को मंडी प्रशासन की ओर से कई बार परिसर खाली करने के लिए नोटिस मिल चुके हैं। आप इनके लिए घर की घोषणा करके जाएं। इस पर मुख्यमंत्री ने मंच से ही कहा कि कैलाशजी ने जो कहा है उसे मैं साकार कर रहा हूं। उन्होंने कलेक्टर शिवम वर्मा को निर्देश दिया कि इन प्रभावित परिवारों की घरों की व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए।
कार्यक्रम की झलकियां
कल कार्यक्रम में मंच के पीछे से अंदर जाने का प्रयास कर रहे लक्ष्मीबाई मंडी पदाधिकारियों को पुलिस जवानों ने अंदर जाने से रोक दिया। इस पर कुछ देर के लिए वहां गहमागहमी की स्थिति बन गई।
बलराम कृषि महोत्सव के शुभांरभ पर कल मुख्यमंत्री ने किसानों के परिवार में 10वीं और 12वीं में अच्छे अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर प्रमाण पत्र सौंपे।
लक्ष्मीबाई कृषि उपज मंडी में कल आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री दीप प्रज्ज्वलन करने के बाद बैठे ही थे कि मंच से बगैर किसी सूचना के राष्ट्रगीत वंदे मातरम् बज उठा। इस पर मुख्यमंत्री सहित मंच पर बैठे सभी नेता और सामने बैठे किसान भाई-बहन हड़बड़ाकर खड़े हुए और राष्ट्रगीत को सम्मान दिया।
बलराम कृषि महोत्सव की अगुआई करने वाले कपिल यार्दे को कल मुख्यमंत्री ने हरित पताका सौंपते हुए उन्हें 13 नवंबर तक 55 जिलों में यह कार्यक्रम करवाने की जिम्मेदारी भी सौंपी है।
4 नंबर विधानसभा में आए दिन महापौर और विधायक मालिनी गौड़ के बीच अनबन की खबरें सुनाई देती रहती हैं, मगर कल मंच पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और विधायक मालिनी गौड़ कुर्सियों पर पास-पास बैठे और पूरे समय विभिन्न विषयों पर चर्चा करते दिखाई दिए।
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