
उज्जैन। उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में इस साल सबसे ज्यादा हिट एंड रन की घटनाएं सामने आई हैं, जहाँ तेज रफ्तार वाहनों ने सड़क हादसे किए हैं और चालक मौके से फरार हो गए जो बेहद चिंताजनक है।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के माथे पर एक ऐसा दाग लगा है, जो धुलने के बजाय हर साल और गहराता जा रहा है। सड़कों पर रफ्तार का कहर बरपाना और फिर कानून की आँखों में धूल झोंककर रफूचक्कर हो जाना, इस मामले में हमारा प्रदेश देश में टॉप पर है। पिछले पांच साल से हिट एंड रन के मामलों में मध्य प्रदेश लगातार पूरे देश में पहले पायदान पर बना हुआ है। आंकड़ों की बात करे तो वर्ष 2020 से 2024 तक प्रदेश में 60 हजार से अधिक हिट एंड रन के केस हुए हैं। वहीं 38 हजार 263 केस के साथ महाराष्ट्र इस मामले में दूसरे नंबर पर है। विडंबना देखिए, जहाँ बेगुनाहों को कुचलकर भागने में हम सबसे आगे हैं, वहीं अपनों को खोने वाले पीडि़त परिवारों को आर्थिक मदद (मुआवजा) देने में हमारी रफ्तार सबसे सुस्त है। दावों के निपटारे के मामले में मध्य प्रदेश टॉप-10 राज्यों में भी शामिल नहीं है। जिन्होंने यहां आवेदन किये उनमें से आधे परिवारों को भी आर्थिक मदद नहीं मिल सकी।
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