
- बरसे सीईओ, कहा- या तो नियमों का पालन करो या काम बंद करो
उज्जैन। ओल्ड मोंक में फ्लेवर की पोल खुलने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शराब उद्योग को सख्त चेतावनी दी है। मंगलवार को प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजित पुनहानी ने देशभर की प्रमुख शराब निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
उल्लेखनीय है कि देश की सबसे चर्चित ओल्ड मोंक रम की महाराष्ट्र के खपोली स्थित इकाई से लिए गए सैंपलों की जांच में रम में रम का फ्लेवर मिलाए जाने और 7 साल पुरानी शराब का दावा गलत पाए जाने के बाद एफएसएसएआई द्वारा उक्त इकाई में बनी शराब की बिक्री पर रोक लगाने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद एफएसएसएआई द्वारा पूरे देश में अलग-अलग शराब की जांच का अभियान भी शुरू किया गया है। इसी क्रम में कल एफएसएसएआई के सीईओ पुनहानी ने दिल्ली में प्रमुख शराब निर्माताओं की बैठक ली। बैठक में देश की लगभग सभी प्रमुख शराब निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कई कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी नई दिल्ली में मौजूद रहे, जबकि कई निर्माता ऑनलाइन जुड़े। बैठक में हाल के महीनों में देशभर से लिए गए शराब के नमूनों की जांच में सामने आई कमियों और नियमों के पालन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। एफएसएसएआई के अधिकारियों ने बताया कि सीईओ राजित पुनहानी ने सभी शराब निर्माताओं से स्पष्ट कहा कि रम, व्हिस्की अथवा अन्य किसी भी श्रेणी की शराब का निर्माण खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में निर्धारित मानकों और उत्पाद की परिभाषा के अनुरूप होना चाहिए। यदि कोई निर्माता निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना फ्लेवर का उपयोग करता है, उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले दावे करता है या लेबलिंग एवं पैकेजिंग नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
सीईओ ने कहा कि पूरे देश में शराब के नमूनों की जांच का अभियान लगातार जारी है। विभिन्न राज्यों से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां संबंधित निर्माता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बिक्री पर प्रतिबंध भी लगाया जारगा। इसलिए ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए शराब निर्माता नियमों का पालन सुनिश्चित करें। अगर किसी शराब में मूल शराब के स्थान पर उसका फ्लेवर मिलाया जा रहा है तो उसे मूल शराब के नाम से नहीं बेचा जा सकेगा।