img-fluid

MP में 5 साल में 61000 बेटियां लापता… 3241 का अब तक सुराग नहीं

July 22, 2026

भोपाल: मध्य प्रदेश में बालिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाने वाले आंकड़े राज्य विधानसभा में सामने आए हैं. कांग्रेस विधायक अजय अर्जुन सिंह के एक सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से दिए गए ब्यौरे में खुलासा हुआ है कि पिछले पांच सालों (31 मई 2026 तक) में प्रदेश से कुल 61,112 बालिकाएं लापता हुई हैं. हालांकि, पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए 61,498 बालिकाओं (पुराने लंबित मामलों सहित) को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया है, लेकिन 3,241 बालिकाओं का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है.

विधानसभा में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में बेटियों के लापता होने की रफ्तार बेहद डरावनी है. आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि मध्य प्रदेश में पिछले पांच सालों में औसतन रोजाना 33 बालिकाएं लापता हुई हैं. साल 2025 में सबसे अधिक 13,146 बालिकाओं के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज की गई, जो पिछले पांच सालों का सबसे बड़ा आंकड़ा है. साल 2026 में जनवरी से लेकर 31 मई तक ही महज पांच महीनों में 6,309 बालिकाओं के लापता होने के मामले सामने आ चुके हैं.


  • सरकार का कहना है कि 31 मई 2026 की स्थिति तक जो 3,241 बालिकाएं अब भी लापता हैं, उनकी खोजबीन के लिए पुलिस प्रशासन लगातार प्रयासरत है. सुप्रीम कोर्ट की रिट याचिका के निर्देशों का पालन करते हुए बच्चों के गायब होने की हर शिकायत पर संबंधित थाने में सीधे FIR (अपहरण की धारा) दर्ज कर जांच शुरू की जाती है. मानव तस्करी रोकने और बच्चियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए ऑपरेशन मुस्कान चलाया जा रहा है. इसके अलावा किशोरियों के लिए ‘सृजन’ और बालकों के लिए ‘अभिमन्यु’ अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं.

    बालिकाओं की सुरक्षा और लापता बच्चों की रिकवरी के लिए प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए कदमों की जानकारी भी विधानसभा में दी गई. प्रदेश स्तर पर मानव तस्करी निरोधी ब्यूरो काम कर रहा है, जबकि जिला स्तर पर संचालित 52 महिला थानों में मानव तस्करी विरोधी इकाइयां (AHTU) गठित की गई हैं. लापता बालिकाओं की बरामदगी के लिए हर महीने जिला और राज्य स्तर पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं, ताकि मानव तस्करी जैसे अपराधों पर सख्त अंकुश लगाया जा सके.

    Share:

  • इंदौर के निगम चौराहे पर सौंदर्यीकरण की तैयारी थी, लेकिन ट्रैफिक के लिए किए नए प्रयोग 

    Wed Jul 22 , 2026
    रातोरात डिवाइडर और सिग्नल लगाए, हर रोज लगता था जाम इन्दौर। नगर निगम चौराहे को संवारा जाना था और सौंदर्यीकरण के तहत कई कार्य होना थे, लेकिन फंड की कमी के चलते निगम ने अस्थायी तौर पर ट्रैफिक के लिए नए प्रयोग किए हैं। कल रात में वहां चौराहे के आसपास के हिस्सों में डिवाइडर […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved