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सावन महीने में लगेंगे 2 ग्रहण, क्या शिव पूजा और सोमवार व्रत पर पड़ेगा असर?

August 03, 2026

नई दिल्ली: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे खास माना जाता है. इस पूरे महीने शिव भक्त महादेव की पूजा-अर्चना करते हैं और सावन के सोमवार को व्रत रखकर भगवान शिव से सुख-समृद्धि और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं. लेकिन इस बार सावन के महीने में दो ग्रहण पड़ने जा रहे हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या इन ग्रहणों का असर सावन की पूजा, सोमवार व्रत और भगवान शिव के जलाभिषेक पर भी पड़ेगा? दरअसल, साल 2026 में सावन के महीने में एक सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण लगने वाला है. पहला ग्रहण 12 अगस्त को और दूसरा ग्रहण 28 अगस्त को लगेगा. खास बात यह है कि दोनों ग्रहण सावन के महत्वपूर्ण पर्वों के दिन पड़ रहे हैं. आइए जानते हैं इन दोनों ग्रहण से क्या सावन सोमवार व्रत की पूजा-पाठ पर कोई प्रभाव पड़ेगा.

12 अगस्त को सावन अमावस्या के दिन लगेगा सूर्य ग्रहण
भारतीय समय के अनुसार, साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात करीब 11 बजकर 17 मिनट से शुरू होगा. ग्रहण की समापन 13 अगस्त की सुबह करीब 4 बजकर 25 मिनट पर होगा. यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा और इसी दिन सावन अमावस्या यानी हरियाली अमावस्या भी है.


  • सावन अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन लोग भगवान शिव की पूजा करने के साथ ही स्नान, दान और धार्मिक कार्य करते हैं. सूर्य ग्रहण के कारण कई लोगों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि क्या इस दिन पूजा-पाठ करना शुभ होगा या नहीं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान सूतक और ग्रहण के नियम तभी लागू माने जाते हैं, जब ग्रहण संबंधित स्थान पर दिखाई दे. चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. ऐसे में भारत में रहने वाले श्रद्धालु सावन अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और बाकी धार्मिक कार्य करने में किसी तरह की बाधा नहीं मानी जाएगी.

    28 अगस्त को सावन पूर्णिमा पर लगेगा चंद्र ग्रहण
    भारतीय समय के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को चंद्र ग्रहण सुबह 6 बजकर 53 मिनट से शुरू होगा. इसका समापन दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर होगा. इस तरह ग्रहण की कुल अवधि करीब 5 घंटे 39 मिनट बताई जा रही है. यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. खास बात यह है कि यह ग्रहण सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन के दिन पड़ रहा है. रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है. वहीं सावन पूर्णिमा होने के कारण इस दिन धार्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रहता है .चंद्र ग्रहण को लेकर भी लोगों के मन में पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों को लेकर कई तरह के सवाल रहते हैं. हालांकि, ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, चूंकि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका कोई सूतक काल मान्य नहीं होगा और राखी के त्योहार पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.

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