
आगरा। गेहूं के आटे (Wheat flour) में टेलकम पाउडर (Talcum Powder) मिलाकर लोगों को बेचा जा रहा है, उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ (Playing with health) किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने एक आटा मिल पर कार्रवाई की। जहां से 50 किलो आटा और 43 बोरी टेलकम पाउडर की जब्त की गई। टेलकम पाउडर का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा है। टीम ने आटा मिल को बंद कर दिया है।
जिले में एक मिल में टेलकम पाउडर का प्रयोग कर आटा का निर्माण करने की जिलाधिकारी को शिकायत मिली। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद शुक्रवार को सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय डॉ. श्वेता सैनी के निर्देशन में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एके पाठक व टीम के अन्य सदस्य ज्योति खुड़िया स्थित अवैध आटा मिल पर पहुंचे।
टीम ने इस दौरान इकाई का संचालन कर रहे अजीत कुमार से जानकारी की तो पता चला कि आटे में मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक टेलकम पाउडर मिलने की आशंका है। ऐसे में टीम ने आटे का और टेलकम पाउडर का एक नमूना लिया, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। वहीं टीम ने आटा निर्माण इकाई से 43 बोरी टेलकम पाउडर बरामद किया। इसके साथ लगभग 2150 किलोग्राम अपमिश्रित टेलकम पाउडर, जिसकी कीमत करीब 32250 रुपये और करीब 50 किलो आटा जब्त किया है। वहीं अवैध रूप से संचालन होने पर मिल को बंद कर दिया गया है। इस संबंध में थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
ऐसे करें पहचान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि एक कटोरी में आटा लें और उसमें नींबू की कुछ बूंदें डाल दें। बुलबुले उठने लगें तो मिलावट है। ऐसे ही गिलास में पानी भरें और आटा डालकर चम्मच से मिलाएं। आटा तली में बैठ जाए तो मिलावटी है। तीसरा तरीका यह है कि हथेली पर आटा रखकर रगड़ें। शुद्ध आटा खुरदरा लगेगा, असामान्य चिकनाहट हो तो मिलावट हो सकती है।
पथरी और आंतों में रुकावट का खतरा
सीएमओ आगरा डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि लंबे समय तक सेलखड़ी शरीर में पहुंचने से पेट के विकार तेजी से बढ़ते हैं। पेट में दर्द, अपच और आंतों में रुकावट का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में कैल्शियम या सिलिकेट के बारीक कण जमा होकर गुर्दे में पथरी की वजह बन सकते हैं। दांतों की ऊपरी परत घिसने के साथ मसूढ़ों में जख्म भी बन सकते हैं। सीने में सेलखड़ी जमने से टीबी के संक्रमण का खतरा भी रहता है।
राजस्थान से आती है सेलखड़ी, आटा बनाते चमकदार
राजस्थान से 20-25 रुपये किलो के हिसाब से सेलखड़ी मंगाई जा रही है। मुनाफाखोर इसे घटिया आटे में मिलाकर उसे चिकना और चमकदार बनाते हैं। फिरोजाबाद में मामला पकड़े जाने के बाद आगरा में भी जांच तेज हो गई है। राजस्थान की सीमा पर खाद्य अधिकारियों को भी सक्रिय कर दिया गया है। सहायक आयुक्त, खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि आटे में सेलखड़ी मिलाकर बिक्री की शिकायत पर मिल की जांच की जा रही है। फिरोजाबाद के सहायक आयुक्त, खाद्य चंदन पांडेय ने बताया कि फिरोजाबाद में एटा रोड स्थित शिवाय ट्रेडिंग कंपनी पर छापा मारकर 30 किलो सेलखड़ी और 420 किलो गेहूं का आटा सीज किया गया है। जानकारी मिली है कि ये राजस्थान से सेलखड़ी मंगाते हैं।
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