
इंदौर। इंदौर में चोरी की गाड़ियों को खपाने वाले कबाड़ कारोबारियों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। रानीपुरा के दौलतगंज इलाके में कबाड़ की दुकान चलाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की गाड़ियों के 12 इंजन और बड़ी संख्या में वाहन पार्ट्स बरामद किए हैं। खास बात ये है कि इनमें तीन इंजन के नंबर घिसे हुए मिले हैं, ताकि उनकी पहचान छिपाई जा सके। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर चोरी के वाहन नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
इंदौर में चोरी के वाहनों के पार्ट्स को कबाड़ में खपाने वाले गिरोह पर क्राइम ब्रांच ने शिकंजा कसा है। मामला दौलतगंज रानीपुरा इलाके का है, जहां अल्ताफ अंसारी और उसका साथी अरशद अंसारी कबाड़ की दुकान संचालित करते थे। क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दोनों चोरी की गाड़ियां खरीदने के बाद उनके इंजन और दूसरे पार्ट्स अलग कर अवैध रूप से बेचते हैं। इतना ही नहीं, वाहनों की पहचान छिपाने के लिए इंजन नंबर तक घिस दिए जाते हैं। सूचना के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने कबाड़ की दुकान पर दबिश देकर तलाशी ली।
मौके से चोरी के दोपहिया वाहनों के पार्ट्स और कुल 12 इंजन बरामद किए गए। इनमें तीन इंजन के नंबर घिसे हुए मिले। करीब 3 लाख रुपये के इस सामान के संबंध में आरोपी कोई वैध दस्तावेज भी पुलिस के सामने पेश नहीं कर सके। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने अल्ताफ अंसारी और 25 वर्षीय अरशद अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ अपराध क्रमांक 115/2026 में BNS की धारा 314, 317(2) और 112(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर ये पता लगाने में जुटी है कि चोरी की गाड़ियां इनके पास कहां से आती थीं और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। यानी कबाड़ की दुकान की आड़ में चोरी की गाड़ियों के पार्ट्स का पूरा खेल चल रहा था, जिस पर अब क्राइम ब्रांच की जांच आगे बढ़ रही है।
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