कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को मंगलवार को कोलकाता के श्यामबाजार इलाके में विरोध का सामना करना पड़ा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Bose) को लेकर बीजेपी के राज्यसभा सांसद नागेंद्र रॉय (Nagendra Roy) की कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में आयोजित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। विरोध के चलते कुछ देर के लिए कार्यक्रम में व्यवधान की स्थिति बन गई।
ममता बनर्जी उत्तर कोलकाता स्थित श्यामबाजार फाइव-पॉइंट क्रॉसिंग पहुंचीं। उनके हाथ में स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस का चित्र था। यहां उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। TMC ने यह कार्यक्रम बीजेपी सांसद नागेंद्र रॉय की नेताजी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में आयोजित किया था।
नागेंद्र रॉय ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को कथित तौर पर ‘युद्ध अपराधी’ बताया था। उन्होंने नेताजी के नेतृत्व पर सवाल उठाने के साथ आजाद हिंद फौज की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका पर भी सवाल खड़े किए थे।
हालांकि, पश्चिम बंगाल बीजेपी ने सांसद के बयान से दूरी बना ली है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नागेंद्र रॉय की टिप्पणी उनकी निजी राय है। बीजेपी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी न तो इस बयान का समर्थन करती है और न ही इसे पार्टी की विचारधारा या आधिकारिक रुख माना जाना चाहिए।
TMC ने इस टिप्पणी को बंगाल की राष्ट्रवादी विरासत और नेताजी के सम्मान से जोड़ते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि श्यामबाजार में कुछ बीजेपी समर्थित लोगों ने जानबूझकर कार्यक्रम में बाधा डालने और ममता बनर्जी का अपमान करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया।
हालीशहर के दो दिन बाद फिर हुआ विरोध
श्यामबाजार की घटना से महज दो दिन पहले रविवार को हालीशहर में भी ममता बनर्जी को विरोध का सामना करना पड़ा था। वह TMC कार्यकर्ता की कथित पुलिस हिरासत में मौत के बाद उसके परिवार से मिलने पहुंची थीं। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और ‘चोर’ के नारे लगाए। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से मिट्टी और चप्पलें भी फेंकी गईं। पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा घेरा बनाकर ममता की गाड़ी को वहां से निकाला था।
बीजेपी ने हालीशहर की घटना में अपनी भूमिका से इनकार किया था। पार्टी की ओर से इसे ममता बनर्जी के खिलाफ जनता के गुस्से का प्रदर्शन बताया गया। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी घटना में बीजेपी की भूमिका से इनकार करते हुए कहा था कि लोगों ने ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर’ के नारे इसलिए लगाए क्योंकि उनके मुताबिक उन्होंने बहुत चोरी की है।
ममता ने स्वतंत्रता सेनानियों का किया जिक्र
मंगलवार को ममता बनर्जी ने विरोध के बीच अपना फोकस स्वतंत्रता आंदोलन और उसके नायकों पर रखा। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी और मातंगिनी हाजरा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पार्टी केवल दिखावे के लिए कार्यक्रम आयोजित नहीं करती, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों का दिल से सम्मान करती है।
श्यामबाजार में हुए विरोध और उसके बाद दोनों दलों के आरोप-प्रत्यारोप ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर टकराव बढ़ा दिया है।
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