
नई दिल्ली: हिंद महासागर में चीन की बढ़ती दखल और पाकिस्तान की नौसेना को मिल रही चीनी मदद के बीच भारत अपनी नौसेना के आधुनिकीकरण पर जोर दे रहा है और इस प्रक्रिया में तेजी भी ला दी है. हाल ही में संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और दोहरे मोर्चों पर चुनौती को देखते हुए नौसेना का आधुनिक होना बेहद जरूरी है.
समिति की सिफारिश में साफ कहा गया है कि सेना का आधुनिकीकरण प्राथमिकता के साथ किया जाए, ताकि भारतीय बेड़ा, हथियार और तकनीक ग्लोबल स्टैंडर्ड के बराबर हो सके. समिति की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि नौसेना का आधुनिकीकरण खतरे की आशंका और बाहरी सुरक्षा माहौल को देखकर किया जा रहा है. यानी इसका सीधा इशारा चीन और पाकिस्तान से है.
एक ओर चीन हिंद महासागर में अपने युद्धपोत और पनडुब्बियों की तैनाती लगातार बढ़ाता जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान चीन की मदद से अपनी नौसेना को लगातार आधुनिक बना रहा है. चीन पाकिस्तान को टाइप-054 फ्रिगेट और हेंगर क्लास पनडुब्बियां दे रहा है. ऐसे में अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक भारत के लिए चुनौती बढ़ गई है.
बढ़ती चुनौती को देखते हुए और इससे निपटने के लिए सरकार ने नौसेना के बजट में लगातार बढ़ोतरी की है. समिति ने बताया कि 2021 के बाद से नौसेना के बजट में लगातार इजाफा किया जा रहा है. वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नौसेना को कुल 1,07,549.57 करोड़ रुपये दिए गए हैं. इसमें से हथियार और नई तकनीक खरीदने यानी कैपिटल एक्विजिशन के लिए 67,524.45 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
पिछले साल 2025-26 में इसी मद में 67,236.23 करोड़ दिए गए थे, जिसमें से दिसंबर 2025 तक 48 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च हो चुका था. समिति ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत अब विदेशी खरीद कम हो रही है और देसी खरीद का अनुपात 2020 के बाद से लगातार बढ़ रहा है. इस बजट से नौसेना अपनी दोहरी कमी को पूरा कर पाएगी. कुल आधुनिकीकरण बजट का 73.57% यानी 47,748.31 करोड़ रुपये पुरानी डील के भुगतान में जाएगा, जबकि 26.43% यानी 17,146.28 करोड़ नई खरीद पर खर्च किया जाएगा.
नई खरीद में सबसे अहम है 26 राफेल-M लड़ाकू विमान, जो विमानवाहक पोत INS विक्रांत और विक्रमादित्य पर तैनात होंगे. इससे हिंद महासागर में चीन के कैरियर ग्रुप को जवाब देना आसान होगा. इसके अलावा MH60R हेलीकॉप्टरों का मेंटेनेंस और स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के लिए हैवी वेट टॉरपीडो भी खरीदे जाएंगे, जो पाकिस्तान की पनडुब्बियों के खतरे से निपटने में मदद करेंगे. समिति को बताया गया कि भविष्य की लड़ाई को देखते हुए नौसेना AI पर भी जोर दे रही है. इसके लिए INICAI सेंटर और 24 GPU वाला CRYSTAL सुपर कंप्यूटर बनाया गया है.
रक्षा मंत्रालय ने समिति को बताया कि नौसेना का आधुनिकीकरण 15 साल के प्लान LTIPP 2012 के तहत हो रहा है. अब इसकी जगह नया और बड़ा प्लान ICDP – Integrated Capability Development Plan बनाया जा रहा है, जिसे HQIDS (Headquarters Integrated Defence Staff) तैयार कर रहा है. समिति ने कहा है कि चीन-पाकिस्तान की मिली-जुली चुनौती को देखते हुए ICDP के काम में तेजी लाई जाए और इसकी प्रगति रिपोर्ट अगली बार संसद में पेश की जाए.
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