
मध्य प्रदेश। के रतलाम (Ratlam) जिले में महू-नीमच हाईवे (Mhow-Neemuch Highway) पर सोने के जेवरों (Gold Jewelry) से भरा बैग लूटे (Robbed) जाने की बड़ी वारदात सामने आई है। बताया जा रहा है कि रतलाम के एक सराफा व्यापारी (Bullion Merchant) से बस के भीतर करीब पांच किलो सोने (5 kg Gold) के जेवर लूट लिए गए। इन जेवरों की अनुमानित कीमत करीब 7.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस (Police) ने जिले और आसपास के इलाकों में नाकाबंदी कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
वारदात गुरुवार रात बिलपांक थाना क्षेत्र में रेन-मऊ फंटे के पास हुई। जानकारी के अनुसार रतलाम शहर की जैन कॉलोनी निवासी सराफा व्यापारी अर्पित चौरड़िया आसपास के क्षेत्रों में आभूषण बेचने का काम करते हैं। वह बड़नगर क्षेत्र में जेवर बेचने के बाद रात करीब सवा आठ बजे बस से रतलाम लौट रहे थे।
बताया गया कि व्यापारी के साथ बड़नगर से चार-पांच अन्य यात्री भी बस में सवार हुए थे। बस जब रतलाम की ओर बढ़ रही थी, तभी रात करीब सवा नौ बजे रेन-मऊ फंटे के पास अचानक एक यात्री ने बस रुकवाई। वह बस से नीचे उतर गया। इसी दौरान बस में मौजूद दो अन्य बदमाशों ने व्यापारी से सोने के जेवरों से भरा बैग छीन लिया।
बैग छीनने के बाद आरोपी भी बस से नीचे उतर गए और वहां मौजूद अपने अन्य साथियों के साथ फरार हो गए। शुरुआती जानकारी के आधार पर वारदात में करीब पांच बदमाशों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। बदमाशों ने जिस तरीके से बस रुकवाई और इसके बाद व्यापारी को निशाना बनाया, उससे पुलिस को घटना में पहले से बनाई गई योजना की आशंका है।
घटना के बाद बस आगे बढ़ी और चिकलिया टोल नाके से आगे धराड़ पुलिस चौकी के पास पहुंची। इसके बाद व्यापारी बस से उतरे और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही बिलपांक थाना पुलिस सक्रिय हुई और वरिष्ठ अधिकारियों को घटनाक्रम से अवगत कराया गया।
इतनी बड़ी मात्रा में सोना लूटे जाने की जानकारी सामने आते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद अलग-अलग पुलिस टीमों को जिम्मेदारी देकर संभावित रास्तों पर नाकाबंदी कराई गई।
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में संदिग्धों की तलाश के लिए सर्चिंग अभियान भी चलाया। डॉग स्क्वाड की मदद से घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों की जांच की गई। देर रात तक तलाशी अभियान चलने के बावजूद पुलिस को आरोपियों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।
पुलिस अब वारदात के तरीके, बस में सवार यात्रियों और घटना के समय मौजूद लोगों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों को व्यापारी के पास बड़ी मात्रा में सोना होने की जानकारी पहले से थी या उन्होंने रास्ते में व्यापारी को निशाना बनाया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हाईवे से जुड़े विभिन्न रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी है। संभावित भागने वाले मार्गों पर भी जांच की जा रही है। करीब 7.5 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की लूट होने के कारण मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्तर पर जांच जारी है।
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