
ऑइल पेंट कंपनी को सवा 2 एकड़ जमीन देने के लिए 7 करोड़ का मुआवजा
इंदौर। मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPIDC) द्वारा एक ऑइल पेंट कंपनी (Oil Paint Company) को मात्र सवा 2 एकड़ जमीन (2.25 acres of land) देने के लिए जमीन मालिक किसान (farmer) का 7 करोड़ रुपए का मुआवजा मंजूर किया गया है।
अग्निबाण द्वारा यह समाचार प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया था कि 100 करोड़ रुपए जमा करने के बाद भी 4 साल से जमीन क्लीयर नहीं हुई। ऑइल पेंट कंपनी जेएसडब्ल्यू द्वारा पीथमपुर के सेक्टर 7 में अपना नया प्लांट लगाने के लिए 100 एकड़ जमीन की बुकिंग कराई गई थी। एमपीआईडीसी के अधिकारियों द्वारा इस जमीन का कब्जा भी दे दिया गया। जब इस कंपनी के लोग मौके पर काम करने के लिए पहुंचे तो पाया गया कि इस जमीन के बीच में स्थित सवा दो एकड़ जमीन के मालिक किसान द्वारा कंपनी को काम नहीं करने दिया जा रहा है। इस बारे में कंपनी द्वारा एमपीआईडीसी में शिकायत की गई थी। इस शिकायत की जांच में यह तथ्य सामने आया कि एमपीआईडीसी द्वारा इस स्थान पर जो जमीन का अधिग्रहण करवाया गया है, उसमें इस किसान की जमीन का अधिग्रहण ही नहीं हुआ है। ऐसे में एमपीआईडीसी द्वारा किसान पर दबाव बनाकर जमीन देने के लिए नहीं कहा जा सकता था।
इस स्थिति की जानकारी एमपीआईडीसी की कार्यकारी संचालक प्रीति यादव को मिली तो उन्होंने इंदौर के जिला प्रशासन के साथ चर्चा कर इस जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई को तेज गति से करवाया। किसान की करीब सवा 2 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने की कार्रवाई की गई। यह जमीन गंगा पति जगदीश, संजय, टीना और अन्य के नाम पर है। इस जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन द्वारा 7 करोड़ रुपए का मुआवजे का अवार्ड पारित कर दिया गया है। एमपीआईडीसी द्वारा मुआवजे की राशि कलेक्टर कार्यालय में जमा करवा दिए जाने के साथ ही इस जमीन का अधिग्रहण हो गया है। अब पिछले 4 साल से अपनी फैक्ट्री के निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे उद्योगपति के लिए अपने कामकाज का रास्ता साफ हो गया है।
किसान का हो गया खूब फायदा
पीथमपुर के सेक्टर 7 के लिए पहले जब जमीन का अधिग्रहण किया गया था, तब जमीन मालिकों के नाम पर गाइडलाइन की कीमत का दो गुना मुआवजा घोषित किया गया था। सभी जमीन मालिकों को इसी फार्मूले पर मुआवजा मिला था। राज्य सरकार द्वारा इसी वर्ष 27 अप्रैल को फैसला लिया गया कि अब यदि किसी भी तरह का जमीन का अधिग्रहण ग्रामीण क्षेत्र में किया जाएगा तो संबंधित व्यक्ति को गाइडलाइन का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले का लाभ इस जमीन के अधिग्रहण में किसान को मिला है। इसके परिणाम स्वरूप इस किसान को इतना अधिक मुआवजा मिल सका।
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