नई दिल्ली। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों (Assembly elections) को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने अलग-अलग राज्यों के लिए अलग रणनीति तैयार करने पर जोर दिया है। फिलहाल पंजाब और उत्तराखंड (Punjab and Uttarakhand) को प्राथमिकता में रखा गया है। इसके बाद गोवा और मणिपुर में संगठन को मजबूत करने की योजना है।
कांग्रेस की रणनीति में जनसंपर्क अभियान, स्थानीय मुद्दों और भाजपा के साथ-साथ संबंधित राज्यों में सत्तारूढ़ दलों को घेरने पर खास जोर दिया जा रहा है।
पंजाब में कांग्रेस बड़े जनसंपर्क अभियान के जरिए चुनावी माहौल बनाने की तैयारी में है। प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल की ओर से राहुल गांधी की बस यात्रा का प्रस्ताव रखा गया है।
संभावित तौर पर यात्रा अमृतसर से शुरू हो सकती है। पहले चरण में करीब 30 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने की योजना है। इसके बाद इसे राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक ले जाने का प्रस्ताव है।
राहुल गांधी के स्वर्ण मंदिर दौरे को भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
पंजाब में कांग्रेस का मुख्य निशाना आम आदमी पार्टी की सरकार होगी। पार्टी ड्रग्स, रोजगार और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
इसके अलावा पेपर लीक और महिलाओं को नकद भुगतान जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की तैयारी है। कांग्रेस की कोशिश है कि चुनाव से पहले इन मुद्दों के जरिए राज्य में अपना जनाधार मजबूत किया जाए।
उत्तराखंड में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन के भीतर चल रही खींचतान को खत्म करने की है। पार्टी नेतृत्व राज्य के नेताओं को एकजुट कर भाजपा के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाने की तैयारी में है।
कांग्रेस एसआईआर और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाने के साथ भाजपा विधायकों के कामकाज को भी निशाना बनाएगी।
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद हुए शुद्धीकरण यज्ञ को भी पार्टी राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
गोवा में कांग्रेस को 2027 के विधानसभा चुनाव में वापसी की उम्मीद है। इसके लिए पार्टी गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर बातचीत कर रही है।
दोनों दलों ने 2022 का विधानसभा चुनाव भी साथ लड़ा था। हालांकि आगामी चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है।
कांग्रेस की चुनावी रणनीति में मणिपुर को भी अहम स्थान दिया गया है। पार्टी वहां संगठन को मजबूत करने और स्थानीय मुद्दों को चुनावी अभियान से जोड़ने की तैयारी कर रही है।
कुल मिलाकर कांग्रेस की कोशिश है कि अगले विधानसभा चुनावों से पहले राज्यों में स्थानीय मुद्दों, बड़े नेताओं के दौरे और जनसंपर्क अभियानों के जरिए माहौल तैयार किया जाए। पंजाब और उत्तराखंड में शुरुआती फोकस के बाद गोवा और मणिपुर में भी अभियान को गति देने की योजना है।
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