
ग्वालियर: में सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हुई कथित किसिंग कार (Kissing Car) को लेकर अब नई जानकारी सामने आई है। सफेद रंग की इस कार की पूरी बॉडी पर लिपस्टिक (Lipstick) से करीब 3400 किस के निशान बनाए गए थे। कार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसे 55 लाख (5.5 million)से ज्यादा बार देखा गया। शुरुआत में यह जानकारी सामने आई थी कि कार को एक महिला मित्र ने किस करके सजाया था, लेकिन बाद में कार मालिक आदित्य सिकरवार (Aditya Sikarwar) ने बताया कि इसमें तीन महिला मित्रों की भूमिका थी।
आदित्य के अनुसार कार को अलग अंदाज में तैयार करने और सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक लोगों का ध्यान आकर्षित करने का विचार तीन महिला मित्रों की ओर से आया था। इसके बाद तीनों ने मिलकर कार की बाहरी सतह पर लिपस्टिक से किस के निशान बनाए। इस पूरी कवायद का उद्देश्य सोशल मीडिया के लिए ऐसी सामग्री तैयार करना था, जिसे ज्यादा से ज्यादा लोग देखें और साझा करें।
कार के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। देखते ही देखते वीडियो ने लाखों व्यूज हासिल कर लिए। हालांकि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की यह कोशिश कार मालिक के लिए महंगी साबित हुई। पुलिस की नजर वायरल कार पर पड़ी और वाहन से जुड़े नियमों के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने कार मालिक का 5500 रुपये का चालान काटा। इसके साथ ही कार की बॉडी पर बनाए गए सभी किस के निशान भी हटवाए गए। कार्रवाई का आधार वाहन में किए गए ऐसे बदलावों से जुड़ा बताया गया, जिनसे वाहन के मूल स्वरूप या उसकी पहचान में बदलाव माना जा सकता है।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में वाहनों के स्वरूप और उनमें किए जाने वाले बदलावों को लेकर प्रावधान हैं। अधिनियम की धारा 52 वाहन में ऐसे बदलावों से संबंधित है, जिनसे पंजीकरण प्रमाणपत्र में दर्ज मूल विवरण या वाहन की मूल विशेषताओं में बदलाव हो सकता है। निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना किए गए बदलाव पर वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।
वाहन में किसी स्वीकृत बदलाव की स्थिति में संबंधित प्रक्रिया और पंजीकरण से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी होता है। नियमों के अनुसार आवश्यक जानकारी संबंधित पंजीकरण प्राधिकारी को उपलब्ध करानी पड़ सकती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वाहन के रिकॉर्ड और उसके वास्तविक स्वरूप में अनधिकृत अंतर न रहे।
मामले में धारा 182ए से जुड़े प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है। नियमों के उल्लंघन की प्रकृति के आधार पर जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान हो सकता है। वहीं अधिनियम की सामान्य दंड व्यवस्था के तहत भी कुछ उल्लंघनों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि किसी मामले में अंतिम कानूनी कार्रवाई संबंधित तथ्यों और लागू धाराओं पर निर्भर करती है।
ग्वालियर की इस कार ने सोशल मीडिया पर भले ही बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान खींचा, लेकिन मामले ने यह भी सामने रखा कि सार्वजनिक सड़कों पर चलने वाले वाहनों में किसी तरह का बदलाव करते समय संबंधित नियमों का पालन करना आवश्यक है। सोशल मीडिया के लिए तैयार की गई सामग्री यदि वाहन के स्वरूप या नियमों से जुड़ी शर्तों को प्रभावित करती है, तो वाहन मालिक को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
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