
अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में मलाला यूसुफजई की किताब पढ़ने को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया. वस्त्रापुर इलाके के AUDA गार्डन में किताब पढ़ने के लिए जुटे सिविल सोसाइटी से जुड़े लोगों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया. देखते ही देखते मामला बहस से मारपीट तक पहुंच गया. आरोप है कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने किताब पढ़ रहे लोगों के साथ हाथापाई की. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कई लोगों को हिरासत में लिया.
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए लोगों को AUDA गार्डन में एकत्र होकर मलाला यूसुफजई की किताब पढ़ने की अपील की गई थी. इसके बाद सिविल सोसाइटी के सदस्य, स्थानीय लोग और कांग्रेस नेता पार्थिव सिंह कथवाडिया समेत कई लोग वहां पहुंचे. किताब का नाम I Am Malala है. कार्यक्रम में शामिल लोगों का कहना था कि किसी किताब को पढ़ने पर रोक नहीं लगनी चाहिए. उनका दावा था कि सार्वजनिक जगह पर अलग-अलग लेखकों की किताबें पढ़ी जा रही थीं. इसी दौरान बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए और कार्यक्रम का विरोध शुरू कर दिया.
बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने मलाला की किताब पढ़ने के कार्यक्रम पर आपत्ति जताई. उन्होंने मलाला के कश्मीर को लेकर पूर्व में दिए गए बयानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उनकी किताब भारत-विरोधी विचारों को बढ़ावा देती है. विरोध कर रहे लोगों और किताब पढ़ने पहुंचे समूह के बीच इसी मुद्दे पर बहस शुरू हो गई. कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में हाथापाई की स्थिति बन गई. किताब पढ़ने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि उनके साथ बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने मारपीट की.
मलाला की किताब को लेकर यह विवाद अचानक नहीं हुआ. करीब दो सप्ताह पहले अहमदाबाद के एक स्कूल में छात्रों की रीडिंग लिस्ट में मलाला यूसुफजई की किताब शामिल किए जाने के बाद विरोध शुरू हुआ था. बजरंग दल से जुड़े लोगों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया था. प्रदर्शनकारियों ने मलाला के कश्मीर से जुड़े पुराने रुख को लेकर किताब पर सवाल उठाए थे. विवाद बढ़ने के बाद स्कूल प्रशासन ने किताब को अपनी रीडिंग लिस्ट से हटाने का फैसला किया था.
स्कूल के फैसले के बाद सिविल सोसाइटी के सदस्यों और कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया. उनका कहना था कि किसी पुस्तक को पढ़ना किसी विचारधारा का समर्थन करना नहीं है. उन्होंने किताब को स्कूल की रीडिंग लिस्ट में दोबारा शामिल करने की मांग भी उठाई. आयोजकों के अनुसार, गार्डन में सिर्फ मलाला की किताब नहीं पढ़ी जा रही थी. महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू समेत अन्य लेखकों की किताबें भी कार्यक्रम में शामिल थीं.
मारपीट और विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम AUDA गार्डन पहुंची. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से मिली जानकारी और घटनाक्रम की जांच कर रही है.
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