
नई दिल्ली। वेस्ट बैंक (West Bank) को लेकर इजरायल और ब्रिटेन (Britain) के बीच बढ़ता तनाव अब कूटनीतिक कार्रवाई तक पहुंच गया है। इजरायल (Israel) ने पूर्वी यरुशलम (East Jerusalem) स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास (British Consulate) को बंद करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही ब्रिटेन को अमेरिका के नेतृत्व वाले गाजा समन्वय मिशन से हटाने और फिलिस्तीनी सुरक्षा बलों को दी जा रही ब्रिटिश ट्रेनिंग रोकने का भी फैसला किया गया है।
इजरायल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने बताया कि ये फैसले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ चर्चा के बाद उठाए गए कई कदमों का हिस्सा हैं। पूर्वी यरुशलम का यह वाणिज्य दूतावास ब्रिटेन और फिलिस्तीनी अथॉरिटी के बीच संबंधों से जुड़े मामलों को संभालता था।
12 ब्रिटिश नागरिकों पर भी रोक
इजरायल ने जेरेमी कॉर्बिन समेत 12 चुने हुए ब्रिटिश अधिकारियों और कुछ अन्य नागरिकों के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है। इजरायल का आरोप है कि इन लोगों की गतिविधियां यहूदी विरोधी और इजरायल विरोधी रही हैं।
विदेश मंत्री गिडियन सार ने ब्रिटेन के कदम को गलत बताते हुए इसे किसी संप्रभु देश के आंतरिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप करार दिया। उन्होंने ब्रिटेन के विदेश सचिव एड मिलिबैंड के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों से फिलिस्तीनियों को जबरन हटाया जा रहा है।
ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा की पाबंदी से नाराजगी
इजरायल की कार्रवाई ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा की उस योजना के बाद सामने आई है, जिसमें कब्जे वाले वेस्ट बैंक की यहूदी बस्तियों से आने वाले सामान के आयात पर रोक लगाने की बात कही गई है। अमेरिका ने इस पहल का समर्थन नहीं किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका इस मुहिम में शामिल नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के कदम वेस्ट बैंक में तनाव और अस्थिरता को और बढ़ा सकते हैं।
दो-राष्ट्र समाधान पर जोर
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने संयुक्त बयान में इन प्रतिबंधों को दो-राष्ट्र समाधान की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण मोड़ बताया है। तीनों देश सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भी इस मुद्दे को उठाएंगे। डेनमार्क, नॉर्वे, पोलैंड, स्पेन और स्वीडन ने भी दो-राष्ट्र समाधान के प्रति अपना समर्थन दोहराया है।
व्यापारिक असर सीमित, लेकिन संदेश बड़ा
वेस्ट बैंक की यहूदी बस्तियों से मुख्य रूप से खजूर, खट्टे फल, जड़ी-बूटियां और वाइन जैसे कृषि उत्पादों का निर्यात होता है। इन उत्पादों का इजरायल के कुल निर्यात में हिस्सा बहुत छोटा है। ऐसे में व्यापारिक स्तर पर पाबंदियों का असर सीमित माना जा रहा है, लेकिन इसका कूटनीतिक संदेश काफी बड़ा है। इसी बीच इजरायल वेस्ट बैंक में 1,000 नए घर बनाने की योजना पर भी आगे बढ़ रहा है। इसमें ई1 बस्ती परियोजना को लेकर सबसे ज्यादा चिंता जताई जा रही है।
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