
नई दिल्ली ।सऊदी अरब (Saudi Arabia) पर हूतियों (Houthis) के बढ़ते हमलों के बीच पाकिस्तान (Pakistan) ने ईरान (Iran) को चेतावनी देते हुए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने को कहा है। बताया गया है कि पिछले 24 घंटे के दौरान पाकिस्तान ने तेहरान (Tehran)तक यह संदेश पहुंचाया कि ईरान हूतियों से सऊदी अरब पर हमले रोकने के लिए कहे।
पाकिस्तान का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब हूतियों की ओर से सऊदी अरब के तेल ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा हूतियों ने सऊदी के चार शहरों पर भी हमला किया है। इन घटनाओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और खाड़ी में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पाकिस्तान की ओर से ईरान से हस्तक्षेप की अपील को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस्लामाबाद लंबे समय से सऊदी अरब और ईरान, दोनों के साथ अपने संबंधों को संभालता रहा है। पाकिस्तान को आशंका है कि हूती हमले बढ़ने की स्थिति में यह प्रॉक्सी जंग बड़े क्षेत्रीय सुरक्षा संकट में बदल सकती है।
ईरान की ओर से इस संदेश पर कहा गया कि उसका हूतियों पर नियंत्रण नहीं है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने पाकिस्तान के मंगलवार को दिए गए संदेश की पुष्टि की। हालांकि, दो ईरानी सूत्रों की ओर से अलग दावा सामने आया है। उनके मुताबिक, तेहरान ने पिछले सप्ताह हूतियों से सऊदी अरब पर हमले करने को कहा था।
इन सूत्रों के दावे के अनुसार, ईरान ने हूतियों को अतिरिक्त धन और हथियार देने का वादा भी किया था। साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के कई कमांडरों के हमलों के समन्वय में सहायता के लिए यमन पहुंचने की बात कही गई है।
सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान का रक्षा समझौता भी इस पूरे घटनाक्रम में अहम माना जा रहा है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ पहले ही कह चुके हैं कि अगर हमले सऊदी की जमीन तक फैलते हैं तो रियाद, अंकारा और इस्लामाबाद के बीच संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था सामने आ सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अधिकारियों ने रियाद में पाकिस्तान और तुर्की के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक की है। इस बैठक में तीनों देशों के बीच सुरक्षा को लेकर एक व्यवस्था पर सहमति बनी है।
इस व्यवस्था के तहत तीनों देशों की सेनाएं यमन में प्रवेश नहीं करेंगी। किसी भी जवाबी कार्रवाई को सऊदी अरब की जमीन से अंजाम देने की बात कही गई है। इस तरह सऊदी अरब पर बढ़ते हमलों के बीच पाकिस्तान और तुर्की के साथ उसकी सुरक्षा तैयारियों को लेकर समन्वय बढ़ा है।
इसी बीच अमेरिकी बलों की ओर से ईरानी तेल टैंकरों को नष्ट किए जाने की बात भी सामने आई है। हूती हमलों और क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों के बीच खाड़ी क्षेत्र की शिपिंग तथा ऊर्जा आपूर्ति पर नए खतरे की स्थिति बनी हुई है।
पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका इसलिए भी अहम हो गई है क्योंकि वह एक ओर सऊदी अरब के साथ रक्षा संबंधों में जुड़ा है, जबकि दूसरी ओर ईरान के साथ भी उसके संबंध हैं। ऐसे में इस्लामाबाद की ओर से तेहरान को हूतियों पर लगाम लगाने का संदेश क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है।
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