
इंदौर। वार्ड 49 के पूर्वी क्षेत्र तिलक नगर, साईनाथ कॉलोनी, गोयल नगर, पत्रकार कॉलोनी सहित आसपास की कॉलोनियों के रहवासियों ने प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो लाइन के विरोध में शांतिपूर्ण जन-प्रदर्शन कर अपनी चिंताओं को प्रशासन के सामने रखा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे और उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए मेट्रो का वैकल्पिक मार्ग तय करने की मांग की।रहवासियों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन घनी आबादी वाले क्षेत्र से भूमिगत मेट्रो लाइन निकालने से कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
उनका दावा है कि इस क्षेत्र में पेयजल का प्रमुख स्रोत बोरिंग हैं और सुरंग निर्माण के दौरान टीबीएम मशीन से होने वाली खुदाई के कारण बड़ी संख्या में बोरिंग प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा 50 से 60 वर्ष पुराने मकानों में दरारें आने, जमीन धंसने तथा निर्माण अवधि के दौरान धूल, शोर और कंपन से बच्चों, बुजुर्गों एवं आम नागरिकों को परेशानी होने की आशंका भी जताई गई।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि प्रस्तावित 3.3 किलोमीटर भूमिगत खंड पर अतिरिक्त खर्च और कर्ज का बोझ अंततः जनता पर ही पड़ेगा। इसलिए मेट्रो को पूर्व में अधिसूचित मार्ग अथवा वैकल्पिक रूप से वर्ल्ड कप चौराहा, शिवाजी प्रतिमा, एम.वाय. हॉस्पिटल होते हुए बस स्टैंड मार्ग से निकाला जाए, जिससे घनी रहवासी बस्तियों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
आंदोलन के दौरान अमिताभ उपाध्याय, विपुल जैन, शैलेन्द्र जैन, मनोज दलाल, विकास मिश्रा, अंकित दुबे एवं राजीव जैन सहित अनेक रहवासियों ने अपनी बात रखते हुए प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करने और प्रभावित क्षेत्र के लोगों से चर्चा कर समाधान निकालने की मांग की।प्रदर्शन के दौरान रहवासियों ने “वार्ड 49 बचाओ, भूमिगत मेट्रो हटाओ” के नारे भी लगाए। संघर्ष समिति ने प्रशासन से मांग की कि जनहित, पर्यावरण और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो लाइन के मार्ग पर पुनर्विचार किया जाए।
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