
भोपाल। राजधानी भोपाल में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के पश्चात एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस विधायक और बोर्ड के सदस्य आरिफ मसूद ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर सरकार के खिलाफ तीखा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड इस बिल को किसी भी सूरत में नहीं मानेगा।
संविधान के दायरे में रहकर कानूनी लड़ाई और प्रदर्शन
आरिफ मसूद ने कहा कि यूसीसी बिल को खत्म करवाने के लिए संविधान के नियमों और दायरों में रहकर काम किया जाएगा। बोर्ड इसके खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की पूरी तैयारी कर रहा है और इसके लिए जल्द ही वकीलों की एक विशेष बैठक भी बुलाई जाएगी। इसके साथ ही, आगामी 17 सितंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन में मध्य प्रदेश के लोगों से भी बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।
‘एक देश, एक कानून’ पर सरकार को घेरा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 21 राज्यों में यूसीसी (UCC) लागू करने संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए आरिफ मसूद ने कहा कि यही बीजेपी और सरकार का मूल एजेंडा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस कानून से आदिवासियों को अलग रखा जा रहा है, तो फिर ‘एक देश, एक कानून’ की बात कहां रह जाती है?
शहर काजी ने दिया गोलवलकर के बयानों का हवाला
प्रेसवार्ता में मौजूद भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली ने भी यूसीसी (UCC) का विरोध करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व प्रमुख एम.एस. गोलवलकर ने भी अपने समय में यूसीसी का समर्थन नहीं किया था। उन्होंने याद दिलाया कि गोलवलकर ने 1972 में यह स्पष्ट रूप से कहा था कि देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
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