
इंदौर। जिला प्रशासन (District Administration) से लेकर पुलिस (Police) तक डीजे वाहनों (DJ vehicles) के सीमितीकरण को लेकर तमाम दावे करते रहे, लेकिन गणेश उत्सव (Ganesh Utsav) के पहले ही दिन शहर में चल समारोह में धूमधाम के लिए एक साथ 9 डीजे वाहन चल रहे थे, जिसमें साउंड इतना भयानक था कि नाचने में विवाद की स्थिति बन गई और चाकू निकालकर दो नाबालिगों पर भीड़ में मौजूद बदमाशों ने हमला कर दिया। घटना में एक नाबालिग की हत्या हो गई और दूसरा घायल हुआ है। हत्या के इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को चिन्हित किया है, जबकि हमला करने वालों में एक से अधिक आरोपी शामिल थे।

आजाद नगर टीआई लोकेश सिंह भदौरिया ने बताया कि अलकापुरी कॉलोनी में कल गणेश उत्सव के पहले दिन गणपति को पंडाल में लाने के लिए जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में सैकड़ों लोग शामिल हुए थे। असरावद खुर्द का रहने वाला 16 साल का कृष्णा पिता शेरू और उसका नाबालिग साथी साहिल पिता रमेश कजोले अन्य के साथ गए थे। बताया जा रहा है कि अन्य युवाओं के साथ ये दो नाबालिग भी डीजे वाहन के पीछे नाच रहे थे। इस बीच नाचने पर टल्ला लगने और हटने की बात पर दोनों नाबालिगों का एक अन्य नाबालिग से विवाद हो गया और एकाएक कृष्णा और उसके साथी साहिल पर चाकू से हमला हुआ। शोरगुल और भीड़ के कारण पहले तो किसी को कुछ पता नहीं चला, लेकिन जब दोनों के शरीर से खून निकलने लगा तो वहां भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि चाकू लगने के कुछ देर बाद कृष्णा जमीन पर गिर गया, जिसके बाद जुलूस में मौजूद लोगों ने दोनों को संभाला और पुलिस को सूचना दी। हालांकि इस जूलूस में पुलिस भी सुरक्षा की दृष्टि से साथ चल रही थी, पर जहां विवाद हुआ, उस जगह पुलिस नहीं थी। कृष्णा की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। साहिल का अभी भी आईसीयू में इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी लगते ही डीसीपी नरेंद्र रावत सहित टीआई लोकेश भदौरिया और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे । कृष्णा और साहिल का परिवार मजदूरी करता है। दोनों नाबालिग भी मकान निर्माण के काम से जुड़े थे। बताया जा रहा है कि भील कॉलोनी में उनके रिश्तेदार रहते हैं, जिसके चलते ये दोनों नाबालिग भील कॉलोनी में उत्सव के दौरान गए थे।
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