
ऋण वसूली अधिकारी ने जारी किए आदेश
बिके हुए भूखंडों की जमीन भी बैंकों में गिरवी रख किया बड़ा फर्जीवाड़ा, ईडी भी कर चुका है कार्रवाई
इंदौर। जमीनी जादूगरों (Magicians of the Ground) ने जहां गृह निर्माण संस्थाओं (Housing construction societies) की जमीनें ठिकाने लगाईं, वहीं निजी कम्पनियों के माध्यम से जो टाउनशिप (Township) विकसित की उनमें भी कम घोटाले नहीं किए। मूंडला नायता स्थित सैटेलाइट हिल्स (Satellite Hills) की एक चर्चित टाउनशिप रही, जिसमें भूमाफिया चम्पू अजमेरा, पवन सहित अन्य नामी-गिरामी चेहरे उजागर होते रहे, तो बिके हुए भूखंडों की जमीनें भी बेच डालीं और बैंकों ने 110 करोड़ का लोन भी दे डाला।
सैटेलाइट हिल्स की जमीनों के मामले में बीते कई समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। जिन सदस्यों की रजिस्ट्रियां हो चुकीं उनकी जमीनें भी बेच डालीं और मिलीभगत कर बैंकों से 110 करोड़ रुपए का लोन भी ले लिया। बाद में बैंकों ने इन जमीनों को कुर्क किया और अभी ऋण वसूली अधिकारी जबलपुर ने इन जमीनों को नीलाम करने और उसके पहले नोटिस की प्रक्रिया शुरू की है। नारायण निर्यात इंडिया लिमिटेड, कैलाशचंद्र गर्ग, सुरेश गर्ग, अर्जुनदास होतवानी, धोलतावाला एग्जिम, अम्बिका सॉल्वेक्स, एवलॉन्च रियलिटी प्रा.लि. सहित अन्य विरुद्ध यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मामले में उक्त आदेश दिए गए हैं। जो जमीनें बैंक को नीलाम करना हैं वह लगभग 53 हजार 129 वर्गमीटर, यानी पौने 6 लाख स्क्वेयर फीट है, जिसमें खसरा नंबर 150/1/4, 152/1, 152/1/2 और 153/1 की ग्राम मूंडला नायता पटवारी हल्का नंबर 66 में शामिल 7135 वर्गमीटर जमीन धोलतावाला एग्जिम के नाम पर है। इसी तरह सर्वे नंबर 114/1/1 से लेकर 112, 130/4 सहित 140/2 व अन्य खसरा नंबरों में शामिल 31580 वर्गमीटर जमीन मेसर्स एवलॉन्च रियलिटी के नाम पर दर्ज है। वहीं खसरा नंबर 139/1 सहित अन्य की 14414 वर्गमीटर जमीन अम्बिका सॉल्वेक्स के नाम पर है। 53 हजार वर्गमीटर से अधिक जमीनों की नीलामी होना है।
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