
इंदौर। शहर के चर्चित ज्वेलरी और रियल इस्टेट से जुड़े कारोबारी संदीप उर्फ बंटीनागर की आत्महत्या फिलहाल अनसुलझी गुत्थी ही है। आज शाम उठावने के बाद पुलिस परिवार के सदस्यों-परिचितों से जानकारी लेने का प्रयास करेगी। अभी तो बेटे-बेटी और पत्नी की स्थिति ऐसी है नहीं कि उनसे कुछ जानकारी ली जा सके। ऑफिस को सील करने के साथ पुलिस ने आत्महत्या में शामिल साड़ी भी जब्त की और सीसीटीवी कैमरोंके फुटेज भी हासिल किए हैं, जिसमें ऑफिस में जाते वक्त बंटीके हाथ में साड़ी नजर नहीं आ रही है। ऐसे में यह राज है कि साड़ी आखिर कहां से आई? क्यापहले से ऑफिस में रखी थी या बंटी खरीदकर लाया? पुलिस ने कॉल डिटेल, यानी सीडीआर तो निकाल ली, मगर मोबाइल का लॉक अभी नहीं खुला, जिससे चैटिंग सहित अन्य जानकारी पता नहीं लग सकी है।
सूत्रों के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहा है कि रविवार की दोपहर सवा बजे बंटी नागर ऑफिस में जाते दिख रहे हैं, मगर उनके हाथ में सिर्फ मोबाइल ही नजर आ रहा है, साड़ी नहीं, जिसके चलते यह शक गहरा रहा है कि साड़ी आखिर कहां से आई या पहले से ऑफिस में रखी हुई थी? शाम लगभग 6 बजे बेटा दौड़ते हुए ऑफिस की तरफ जाता दिखा, क्योंकि बंटी का मोबाइल लगातार बजता रहा और जब बेटा ढूंढने निकला तो नीचे पार्किंग में गाड़ी खड़ी देख ऑफिस में पहुंचा। थोड़ी ही देर के बाद परिवार के अन्य सदस्य भी ऑफिस पहुंचे।
पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए साड़ी सहित अन्य सामग्री जब्त कर ली और बंटी का मोबाइल भी, जिसका लॉक कल भी खोलने के प्रयास किए गए। वहीं अब एक्सपर्ट की मदद ली जाएगी। बंटी से जुड़े परिचितों, रियल इस्टेट कारोबारियों का कहना है कि वित्तीय स्थिति तो ठीक थी, मगर फिर भी चूंकि कई माल डायरियों पर बेच रखा था और बायपास पर डीएलएफ के पीछे बाल्याखेड़ी का एक प्रोजेक्ट सांसद शंकर लालवानी के भाई राजू लालवानी और रीतेश लुंकड़ के साथ किया था, जिसमें मल्टी के मंजूर नक्शे के बावजूद भूखंडों को डायरियों के जरिए बेचा। इसमें लेन-देन का विवाद कई दिनों से चल रहा था। वहीं कुछ महिला कारोबारी और मित्रों का एंगल भी सामने आया है। इस पर भी जांच चल रही है। परिचितों का कहना है कि मानसिक दबाव और सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होने के भय से भी आत्महत्या संभव है।
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