
इंदौर। नेशनल हाईवे के प्रोजेक्टों की भी स्थिति है। इंदौर बायपास की दुर्गति जगजाहिर है और यहां बनने वाले फ्लायओवरों का निर्माण भी तय समयसीमा में पूरा नहीं हो पाया, तो इंदौर-इच्छापुर फोरलेन हाईवे भी लगभग डेढ़ साल की लेटलतीफी का शिकार हो गया और अब इस साल के अंत तक इसे पूरा करने का दावा हाईवे अथॉरिटी ने किया है।
216 किलोमीटर लम्बे इस हाईवे पर 900 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है। इंदौर से खंडवा सहित हैदराबाद तक का आवागमन इस हाईवे के जरिए सुगम हो सकेगा। एक तरफ पूर्वी और पश्चिमी बायपास के निर्माण में भी भू-अर्जन सहित कोर्ट-कचहरी की बाधाएं चल रही है, तो दूसरी तरफ नेशनल हाईवे एमआर-10 जंक्शन पर बन रहे फ्लायओवर को भी पूरी तरह से शुरू नहीं कर पाया। दूसरी तरफ राऊ के फ्लायओवर के निर्माण में भी लापरवाही उजागर हुई, जिसके चलते मरम्मत कराना पड़ी। इसी तरह इंदौर-इच्छापुर हाईवे, जो पिछले साल जनवरी में ही पूरा हो जाना था, वह अब इस साल दिसम्बर तक पूरा करने का दावा अधिकारियों ने किया है।
यह फोरलेन 216 किलोमीटर लम्बा है, जिस पर परिवहन मंत्रालय द्वारा 900 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इस हाइवे से 40 से अधिक गांवों को भी फायदा होगा और इससे जुड़े किसानों-व्यापारियों को भी मदद मिलेगी। 2 घंटे में इंदौर से खंडवा का सफर तय होगा, जिसमें अभी 3 से 4 घंटे तक लगते हैं। इस हाईवे का निर्माण 5 चरणों में किया जा रहा है। भंवरकुआं से तेजाजी नगर का साढ़े 6 किलोमीटर का हिस्सा पूरा बन चुका है और यातायात भी चल रहा है। इसी तरह तेजाजी नगर से बलवाड़ा का लगभग 34 किलोमीटर का है और इसका भी लगभग 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। तीसरे चरण में बलवाड़ा से धनगांव तक 40 किलोमीटर का हिस्सा बनाया गया है और यह भी लगभग पूरा हो चुका है।
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