
सुबह-सुबह आरई2 की बाधाएं हटाने पहुंचा निगम और पुलिस का भारी भरकम अमला
इंदौर। राह के लिए वाहृ-वाह जुटाने गए प्रशासन (Administration) को आज वहां रहने वाले लोगों की आह का जबर्दस्त सामना करना पड़ा। बिचौली क्षेत्र (Bicholi area) में आरई 2 सड़क (RE 2 Road) में बाधक बस्तियों के 80 से ज्यादा मकानों को ढहाने पहुंची नगर निगम (Municipal council), प्रशासन और पुलिस की टीम कार्रवाई का विरोध करती कुछ महिलाएं हुए मकानों के पतरों पर चढ़ गइंर् तो कुछ हंगामा करने के बाद जेसीबी के आगे लेट गई इसी बीच वहां मौजूद लोगों ने पथराव शुरू कर दिया तो पुलिस को लाठियां भांजना पड़ी।

दो दिन पहले ही निगम ने आरई 2 की शेष बची बाधाओं को हटाने का मन बना लिया था। इसी के चलते पिछले दो दिनों से निगम और पुलिस विभाग का अमला तमाम तैयारियों में जुटा था। आज सुबह 6 बजे नगर निगम मुख्यालय से भारी भरकम अमला कई जेसीबी और पीली जीपों के साथ बिचौली क्षेत्र में पहुंचा। वहां अग्रवाल पब्लिक स्कूल जूडियक मॉल के पास से बिचौली कांकड़ तक आरई 2 सड़क में करीब 100 से ज्यादा बाधाएं थीं, जिन्हें आज सुबह हटाने का अभियान शुरू किया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ एसडीएम घनश्याम धनगर, अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, प्रखर सिंह, सत्येंद्र राजपूत, वैभव देवलासे सहित कई अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे। बस्तियों के मकान तोड़ने की शुरुआत में ही वहां हंगामा हो गया। कुछ मकानों पर जेसीबी से तोड़फोड़ के दौरान महिलाएं जमा हो गईं और वे निगम की कार्रवाई का विरोध कर रही थीं। अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया तो वहां कुछ महिलाएं कच्चे मकानों के पतरों पर चढ़ गईं और खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकियां देने लगीं। इसके बाद महिला पुलिस और निगम की महिला टीम ने जैसे-तैसे वहां से महिलाओं को हटाया और कार्रवाई शुरू की तो कुछ लोगों ने अफसरों के साथ भी विवाद करने की कोशिश की तो निगम अफसरों ने उनको पकड़कर पीट दिया। कार्रवाई के अंतिम दौर में बस्ती के कुछ लोग आखिरी हिस्से में चल रही कार्रवाई स्थल पर जाकर जमा हो गए और देखते ही देखते वहां विरोध शुरू हो गया और महिलाओं ने जेसीबी और पोकलेन के सामने हुजूम जमा लिया। अफसर भी उन्हें हटाने की मशक्कत करते रहे। इसी बीच अचानक कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसके चलते बाद में अफसरों के निर्देश पर पुलिस ने मोर्चा संभाला और लाठिंया भांजकर लोगों को वहां से हटाया और हंगामा कर रहे कई लोगों को वहां खड़ी गाड़ियों में बैठा दिया। बस्तियों के मकान तोड़े जाने को लेकर लोगों में खासा गुस्सा था। उनका कहना था कि उनके बड़े परिवार में भी निगम द्वारा सिर्फ एक-एक फ्लैट ही दिए जा रहे हैं, जो अपर्याप्त है। ऐसे में उनके परिवार के सामने तमाम दिक्कतें आएंगी। इसको लेकर भी कई जगह विवाद चल रहा था और बाद में यह गुस्सा पथराव के रूप में सामने आया। पुलिस और निगम अफसरों को कार्रवाई के दौरान हंगाम होने की संभावना लग रही थी और इसी के चलते पूरा अमला तमाम इंतजामों के साथ पहुंचा था।

महिलाओं के आंसू छलके…खूब हुआ हंगामा…हंगामाई युवकों की पिटाई
आज सुबह 8 बजे के लगभग बस्ती के कई रहवासी घबराहट में तो कुछ अपना सामान हटाने में जुटे थे। इसी बीच नगर निगम और पुलिस विभाग की गाड़ियों का काफिला वहां जाकर रूका तो बस्तियों में हलचल तेज हो गई और लोग सामान हटाने के लिए लोग दौड़ने भागने लगे। वहां कांकड़ से 5-6 छोटी छोटी अलग अलग बस्तियां है जहां लोगों ने कच्चे मकान बना रखें थे। जैसे ही अफसर वहां पहुंचे तो कुछ लोगों ने मौहलत मांगी और कुछ ने कार्रवाई का विरोध किया। अफसरों ने पुलिस बल की मदद से सबको हटाया और कार्रवाई शुरु करवा दी। कई लोग यह कहते रहे कि हमारा सामान घरों में भरा है तो अफसरों ने कहा कि तीन दिनों से मुनादी कर रहे है तो फिर सामान क्यों नहीं हटाया। इसके बाद मकान तोड़ने ेकी शुरुआत हुई तो बस्ती की कई महिलाएं जमा होकर कार्रवाई देखते देखते रो पड़ी बुजुर्ग महिलाएं अफसरों को कहती रही कि क्यों गरीबों के मकान तोड़ रहे हो। कुछ मौहलत दे दो लेकिन अफसरों ने कार्रवाई जारी रखी। क्षेत्र में कार्रवाई के लिए कल रात ही पांच पोकलेन मशीनें बड़ी गाड़ियों से बस्तियों तक पहुंचा दी गई थी। अचानक मकान तोड़ने के लिए शुरु हुई कार्रवाई से कई लोग घरों का सामान उठाकर सामने की खाली सड़क पर पटकते रहे तो कई छोटे बच्चे भी घरों का सामान लेकर सड़कों की ओर दौड़ते रहे। वहीं कई महिलाएं इस बात को लेकर अफसरों पर गुस्सा करती नजर आई कि उनके परिवार में 6 मेंबर है और ऐसे में उन्हें एक छोटा सा फ्लैट दिया जा रहा है उनका गुजारा कैसे होगा। इसको लेकर उन्होंने अफसरों से पहले आग्रह किया और फिर बाद में विवाद भी किया। इसके बाद बस्ती के ही कुछ युवाओं की टीम सामान हटा रही थी इसी दौरान तोड़फोड़ शुरु की तो उनकी निगम की रिमूवल कर्मचारियों से बहस हो गई और मामला मारपीट तक जा पहुंचा। पुलिसकर्मी और रिमूवलकर्मी ने कुछ लोगों को पकड़कर वहां खड़ी पुलिस वैन में बैठा दिया और कुछ की धुलाई की तो वहां से भाग खड़े हुए। कांकड़ बने कई कच्चे पक्के मकानों में से अधिकांश को निगम द्वारा पूर्व मे फ्लैट दिए गए थे लेकिन कुछ परिजनों द्वारा और फ्लैट की मांग की जा रही थी जिसको लेकर वहां बार बार विवाद हो रहे थे। कार्रवाई के दौरान बार बार बस्तियों की महिलाओं और लोगों की भीड़ वहां जमा हो जा रही थी जिसके चलते कार्रवाई में तमाम दिक्कतें आ रही थी तो रिमूवल अधिकारियों ने पुलिस बल और महिला पुलिस बल को बुलाकर वहां जमा भीड़ को खदेड़ दिया। इस दौरान भी कई बार विवाद हुए। पूरी कार्रवाई के लिए नगर निगम के करीब 200 कर्मचारी और 150 से ज्यादा महिला पुलिस और पुलिस कर्मचारी के साथ साथ दर्जनों अधिकारी मौके पर तैनात थे। आरई 2 की यह बाधाएं अभी कुछ बस्तियों में ही हटाई गई है जबकि शिवनगर और शिव दर्शन नगर से लेकर कई अन्य हिस्सों में बाधाएं हटाने के काम दो से तीन दिनों में शुरु होंगे।
पूरा इलाका निगम-पुलिस वाहनों और अमले की भीड़ से पटा था
नगर निगम, पुलिस विभाग और महिला पुलिस के साथ साथ निगम महिला बाउंसरों की टीम कार्रवाई स्थल पहुंची तो वहां नगर निगम के वाहनों के साथ साथ एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, इंद्र वृज और बड़ी संख्याओं में पीली जीपों और डंपरों से पूरा क्षेत्र भर गया था। कई लोग अचानक वहां भारी भरकम अमला देख न केवल सकते में आ गए थे बल्कि चौराहे पर लगे ठेले और अन्य दुकानें अमले को देख लोगों ने समेट ली थी। इसी दौरान निगम की जेसीबी ने वहां कार्रवाई शुरू कर दी तो हंगामा मच गया। घरों से निकलकर लोगों ने उसका विरोध करना शुरू कर दिया, लेकिन वहां मौजूद पुलिस बल को देखकर पुरुषों ने तो किनारा कर लिया, लेकिन अपने घर की महिलाओं को अधिकारियों और पुलिस बल के हवाले कर दिया। कुछ महिलाएं आंसू बहा रही थी तो कुछ चिल्लाकर विरोध जता रही थी।
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