
- दुर्गा पंडालों में बिजली की सुरक्षा परखेंगे 500 तकनीकी कर्मचारीदुर्गा पंडालों में बिजली की सुरक्षा परखेंगे 500 तकनीकी कर्मचारी
जबलपुर। बिजली अमले को आगामी नवरात्रि एवं दशहरा पर्व पर करंट अथवा शॉर्ट सर्किट से होने वाले हादसों को रोकने के लिए पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा के नेतृत्व में 4 घण्टे की कार्यशाला संपन्न हुई। इस आयोजन में सभी संभागों के आउटसोर्स स्टाफ, सहायक लाइनमैन, लाइनमैन, टेस्टिंग असिस्टेंट, जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और कार्यपालन अभियंताओं समेत लगभग 500 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। आयोजन का मुख्य उद्देश्य आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उत्सव को निर्विघ्न संपन्न कराना रहा। इस दौरान तकनीकी बारीकियों और फील्ड में बरती जाने वाली सावधानियों पर गहन मंथन किया गया, ताकि दोनों बड़े त्योहारों के दौरान विद्युत वितरण तंत्र पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू बना रहे।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर एफआईआर होगी
कार्यशाला में तय हुआ कि शहर के प्रत्येक पंडाल पर एक लाइन स्टाफ तैनात रहेगा। यह कर्मी पूजा समिति, टेंट संचालक, लाइट डेकोरेटर और पुलिस विभाग के नोडल अधिकारी के साथ तालमेल बनाएगा। मैदानी स्तर पर यह पूरी व्यवस्था संबंधित कनिष्ठ एवं सहायक अभियंता की सीधी देखरेख में संचालित होगी। पंडालों में अनिवार्य रूप से वैध अस्थायी कनेक्शन लेने और तय मानकों का पालन कराने की हिदायत दी गई है। औचक निरीक्षण के दौरान कहीं भी लापरवाही अथवा अनाधिकृत वायरिंग मिलने पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर जैसी कड़ी वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। थाना स्तर पर होने वाली शांति समिति की बैठकों में बिजली विभाग के अफसरों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। वहां वितरण कंपनी की तरफ से तैयार 3 पेज का सुरक्षा परिपत्र सभी आयोजकों को बांटा जाएगा। मैदानी अमले को पंडाल स्थल से खंभों, ट्रांसफार्मर, केबलों और तारों की सुरक्षित दूरी तय कराने का जिम्मा सौंपा गया है। विद्युत वितरण कंपनी ने जिला प्रशासन, पुलिस, विद्युत निरीक्षक और सुरक्षा विभाग के साथ संयुक्त समन्वय स्थापित किया है, जिससे पर्व के उल्लास में किसी प्रकार का तकनीकी व्यवधान न आए।