सिंगापुर। सिंगापुर के पूर्व राजदूत बिलहरी कौसिकन (Bilhari Kausikan) ने पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति और उसकी प्रासंगिकता को लेकर तीखी टिप्पणी की है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान उन्होंने 1971 में बांग्लादेश (Bangladesh) के अलग होने का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि दक्षिण एशिया के मुसलमानों के लिए अलग मातृभूमि के तौर पर पाकिस्तान के गठन का जो मूल तर्क था, वह अब कितना प्रासंगिक रह गया है। इसी दौरान उन्होंने पाकिस्तानी सेना में सैनिकों को दाढ़ी रखने की अनुमति दिए जाने को लेकर भी सवाल उठाया।
कौसिकन ने कहा कि पाकिस्तान की स्थापना दक्षिण एशिया के मुसलमानों के लिए एक मातृभूमि के रूप में हुई थी, लेकिन 1971 में बांग्लादेश के अलग होने के बाद इसके मूल आधार पर सवाल खड़ा हो गया। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की स्थापना दक्षिण एशिया के मुसलमानों के लिए एक मातृभूमि के रूप में की गई थी। लेकिन जैसे ही 1971 में बांग्लादेश उससे अलग हुआ, वह मूल तर्क ही समाप्त हो गया। तो आज पाकिस्तान क्या है? सिर्फ इतना ही कि वह भारत नहीं है?”
पाकिस्तान की सेना पर टिप्पणी करते हुए कौसिकन ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उसके भीतर बड़ा वैचारिक बदलाव आया है। उन्होंने जनरल आसिम मुनीर के नेतृत्व वाली पाकिस्तानी सेना की आलोचना करते हुए कहा कि मौजूदा समय में सेना ही देश को एक साथ बांधकर रखने वाली प्रमुख संस्था है।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को आज की स्थिति में एक साथ बांधकर रखने वाली एकमात्र संस्था उसकी सेना है। लेकिन कभी धर्मनिरपेक्ष रहने वाली यह सेना अब एक धार्मिक सेना बन चुकी है।”
पाकिस्तानी सेना में दाढ़ी रखने की अनुमति का जिक्र करते हुए कौसिकन ने चुटकी लेते हुए कहा, “जब कोई सेना अपने सैनिकों को दाढ़ी बढ़ाने की इजाजत देने लगती है तो समझ जाइए कि वह मुसीबत में है।”
कौसिकन ने पाकिस्तान की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार विफलता के कगार पर खड़ा रहता है, लेकिन पूरी तरह ढहता नहीं है। उन्होंने सऊदी अरब के साथ संबंधों के जरिए अपनी कूटनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की पाकिस्तान की कोशिशों पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि जब सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों ने हमला किया था, तब भी सऊदी अरब ने मदद के लिए पाकिस्तान को नहीं बुलाया। उनके मुताबिक, पाकिस्तान की वैश्विक प्रासंगिकता का एक बड़ा कारण उसका परमाणु हथियार संपन्न देश होना है।
कौसिकन ने पहले भी पाकिस्तान को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था, “यदि पाकिस्तान अपनी समस्याओं को हल नहीं करता है तो वह हमेशा विफलता के मुहाने पर खड़ा रहेगा। हर कोई उसकी चिंता केवल इसलिए करता है क्योंकि उसके पास परमाणु हथियार हैं। अगर पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार न होते तो कोई भी उसकी परवाह नहीं करता।”
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