
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Draupadi Murmu) के साथ विपक्षी दलों (Opposition Parties) के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) के इस दावे पर भाजपा (BJP) ने सवाल उठाए हैं कि राष्ट्रपति ने चुनाव में धांधली के आरोपों को खारिज नहीं किया और विपक्ष की बातों को स्वीकार किया। भाजपा ने राहुल के बयान को झूठा बताते हुए उन पर संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक विवाद में घसीटने का आरोप लगाया है।
इंडिया ब्लॉक के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार शाम राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात की थी। इस दौरान नेताओं ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर उन्हें ज्ञापन सौंपा। मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि वह इस बात से हैरान और स्तब्ध हैं कि राष्ट्रपति ने चुनाव में धांधली के आरोपों का खंडन नहीं किया और विपक्षी नेताओं की बातों को स्वीकार किया।
सुधांशु त्रिवेदी बोले- राहुल गांधी झूठ बोल रहे हैं
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस नेता के दावे को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और अजीब’ बताते हुए कहा, “वह झूठ बोल रहे हैं।”
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ने विपक्ष के आरोपों को स्वीकार कर लिया, ऐसा दावा करके राहुल गांधी दुर्भावनापूर्ण राजनीति कर रहे हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस नेता संवैधानिक संस्थाओं को भी राजनीतिक विवाद का हिस्सा बना रहे हैं और अब उन्होंने सारी हदें पार कर दी हैं।
राहुल के दावे के सबूत मांगे
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी से उनके बयान के समर्थन में सबूत भी मांगे। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस नेता किस आधार पर यह कह रहे हैं कि राष्ट्रपति ने विपक्ष के आरोपों को स्वीकार कर लिया।
त्रिवेदी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के बयान के दौरान उनके साथ मौजूद नेताओं की बॉडी लैंग्वेज और चेहरे के भावों से भी कथित तौर पर संकेत मिल रहे थे कि कही जा रही बातों का सच्चाई से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने राहुल गांधी के पुराने बयानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उनका यह रवैया पहले भी देखने को मिला है।
राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर भी उठाए सवाल
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर राष्ट्रपति मुर्मु के साथ विपक्षी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात का इस्तेमाल अपने राजनीतिक उद्देश्य के लिए करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल का दावा असामान्य है और इसमें तथ्यों से ज्यादा राजनीति नजर आती है।
विपक्षी प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के सामने चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं रखी थीं। इसके बाद राहुल गांधी के बयान और भाजपा की प्रतिक्रिया से ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर राजनीतिक टकराव एक बार फिर तेज हो गया है।
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