नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने की कोशिश तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के आवास पर हुई INDIA गठबंधन की बैठक में विपक्ष ने अपने दायरे का विस्तार कर इसे ‘इंडिया प्लस’ बनाने का फैसला किया है। इस नए मंच में विपक्षी राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र संगठनों और अन्य सामाजिक संस्थाओं को भी जोड़ने की योजना है। इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के भी इस मंच से जुड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
मंगलवार को हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा के लिए आयोजित बैठक में विपक्षी नेताओं ने वोट चोरी के मुद्दे पर एकजुट होकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया। साथ ही, ‘लोकतंत्र की बहाली का मिशन’ शुरू करने की घोषणा की गई। विपक्षी दलों ने कहा कि वे सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर अदालत के रुख का इंतजार करेंगे। इसके बाद राजधानी दिल्ली में एक और बड़े विरोध मार्च की रणनीति तैयार की जा सकती है।
क्या INDIA गठबंधन से जुड़ सकती है कॉकरोच जनता पार्टी?
बैठक के बाद सबसे ज्यादा चर्चा INDIA गठबंधन के विस्तार और अभिजीत दीपके की अगुवाई वाली कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर हो रही है। CJP हाल के दिनों में एक प्रेशर ग्रुप के रूप में सामने आई है। इस समूह ने खुद को राजनीतिक पार्टी के बजाय दबाव समूह के रूप में काम करने वाला संगठन बताया है।
हालांकि, बैठक में CJP को शामिल करने का कोई औपचारिक फैसला सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में राहुल गांधी और अभिजीत दीपके के एक मंच पर आने की संभावना फिलहाल अटकलों तक सीमित है।
वोट चोरी के मुद्दे पर एकजुट होगा विपक्ष
INDIA गठबंधन की बैठक में विपक्षी नेताओं ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर साझा रणनीति के साथ आगे बढ़ने पर सहमति जताई। नेताओं का कहना है कि इस मुद्दे पर अलग-अलग कार्यक्रमों के बजाय एक व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई और अदालत के रुख को आगे की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण बताया है। इसके बाद दिल्ली में विरोध मार्च आयोजित करने की योजना पर काम किया जा सकता है।
बैठक में आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इसके अलावा राहुल गांधी ने विपक्षी दलों और नेताओं से सरकार के खिलाफ अप्रत्याशित विरोध प्रदर्शनों के लिए तैयार रहने की अपील की।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने विपक्षी एकजुटता पर जोर देते हुए कहा, “हम सब यहां एकजुट होकर खड़े हैं। जैसा कि मैंने कल कहा था, कोई अलग-अलग प्रदर्शन नहीं हो रहे हैं। यह एक ही प्रदर्शन है और इसका केवल एक ही मिशन है। भारत में लोकतंत्र की बहाली।”
बैठक में कौन-कौन से नेता हुए शामिल?
राहुल गांधी के आवास पर हुई बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और प्रियंका गांधी वाद्रा मौजूद रहीं।
इसके अलावा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एम. ए. बेबी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी. राजा, समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक और आनंद भदौरिया, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए। वाम छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा भी बैठक में मौजूद थीं।
INDIA गठबंधन के विस्तार का फैसला विपक्षी अभियान को राजनीतिक दलों से आगे सामाजिक संगठनों तक ले जाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, ‘इंडिया प्लस’ में किन संगठनों को शामिल किया जाएगा और क्या अभिजीत दीपके की CJP इससे जुड़ेगी, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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