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अल्बानिया में PM रामा के इस्तीफे पर बवाल, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर फेंके पेट्रोल बम, 8वें दिन भी आंदोलन जारी

October 21, 2026

नई दिल्ली। अल्बानिया (Albania) की राजधानी तिराना (Tirana) में प्रधानमंत्री एडी रामा (Prime Minister Edi Rama) के इस्तीफे (Resignations) की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन (Protest) मंगलवार रात हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पेट्रोल बम फेंके, जिसके जवाब में पुलिस ने पानी की बौछार करने वाली गाड़ियों का इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब आठवें दिन में पहुंच गया है। राजधानी के अलावा देश के दूसरे शहरों में भी प्रदर्शन फैलने की खबर है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार में कथित भ्रष्टाचार, रोजगार की कमी और शिक्षा व्यवस्था के खराब स्तर को लेकर लोगों में नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों और बैंकों में आग लगाने, दुकानों के शीशे तोड़ने और सड़कों से पत्थर उखाड़कर पुलिस पर फेंकने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया।

13 अक्टूबर से शुरू हुई हिंसा, 17 अक्टूबर को प्रदर्शन तेज
अल्बानिया में हिंसा की शुरुआत 13 अक्टूबर को हुई थी। इसके बाद 17 अक्टूबर, शनिवार को प्रदर्शन और उग्र हो गया। उस दिन हजारों लोग शिक्षा मंत्रालय के बाहर जुटे और दंगा रोधी पुलिस पर पत्थर फेंके। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस, पानी की बौछार और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया।

मंगलवार रात भी तिराना में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को निशाना बनाकर पेट्रोल बम फेंके, जबकि पुलिस ने पानी की बौछार करने वाली गाड़ियों के जरिए भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की।


  • 2013 से सत्ता में हैं एडी रामा, चौथी बार संभाली सरकार
    प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन उनके राजनीतिक कार्यकाल की अब तक की बड़ी चुनौतियों में शामिल हो गया है। रामा वर्ष 2013 से सत्ता में हैं और पिछले साल उन्होंने चौथी बार प्रधानमंत्री पद संभाला था।

    सरकार में भ्रष्टाचार के आरोपों, रोजगार के सीमित अवसरों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच प्रदर्शनकारियों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। राजधानी तिराना के साथ अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन होने से सरकार के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।

    महंगे तटीय प्रोजेक्ट के विरोध से शुरू हुई थी नाराजगी
    अल्बानिया में मौजूदा अशांति से पहले गर्मियों के दौरान भी कई महीनों तक विरोध प्रदर्शन हुए थे। उस समय ज्यादातर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और उनका मुख्य मुद्दा एक महंगी तटीय विकास परियोजना थी। इस परियोजना को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर का समर्थन प्राप्त है।

    समय के साथ विरोध का दायरा बढ़ा और अब प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग प्रमुख मुद्दा बन गई है। मंगलवार रात हुई हिंसा ने स्थिति को और गंभीर कर दिया। तिराना समेत दूसरे शहरों में जारी प्रदर्शनों के बीच सरकार के सामने राजनीतिक असंतोष और हिंसक घटनाओं से निपटने की दोहरी चुनौती है।

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