
डेस्क: जामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों की भूख हड़ताल तीसरे दिन भी चल रही है. इसी बीच विश्वविद्यालय की दीवारों पर RSS Go Back, Free Kashmir, Free Sharjeel Imam और VC Go Back जैसे विवादित नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है. इन नारों को किसने लिखा और इसके पीछे किसका हाथ है, इस बारे में अभी जानकारी सामने नहीं आई है. प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई भी ऑफिशियल बयान नहीं दिया गया है.
पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग छात्रसंघ चुनाव कराने की है. इसके अलावा छात्र कुलपति के खिलाफ भी विरोध जता रहे हैं. स्टूडेंट्स की समस्याओं को हल करने के लिए प्रशासन की तरफ से 18 अक्टूबर को सात सदस्यीय समिति बनाई गई थी.
समिति की तरफ से 19 अक्टूबर को छात्रों से बातचीत शुरू की गई और प्रतिनिधियों को डीन ऑफ सोशल साइंसेज के ऑफिस में बुलाया. 20 अक्टूबर को हुई करीब दो घंटे की बैठक में बातचीत के बिंदुओं को लिखित रूप दिया गया, लेकिन छात्र प्रतिनिधियों ने उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए.
21 अक्टूबर को कुलपति प्रो. मजहर आसिफ की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें छात्रसंघ के गठन से संबंधित अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा हुई थी. इस बैठक में जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन (JMISU) का संविधान तैयार करने के लिए एक समिति बनाने का फैसला लिया गया. इस प्रक्रिया के लिए जामिया अधिनियम, 1988 की धारा 23(J) और (K) को आधार बनाया गया है.
दूसरी ओर, भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इरशाद हुसैन नकवी के अगुवाई में मेडिकल टीम को भी तैनात गया है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत से छात्रसंघ चुनाव कराने को लेकर कोई रास्ता निकल पाता है या नहीं.
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