
जबलपुर। बरगी थाना क्षेत्र के ग्राम निगरी में दुर्गा पूजा पंडाल और कन्या भोज के दौरान अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के साथ कथित छुआछूत और भेदभाव का मामला सामने आया है। इसको लेकर चौधरी, चमार और बसोर समाज के 100 से अधिक महिला, पुरुष और बच्चों ने बरगी थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया और पुलिस को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गांव में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान उन्हें अलग-थलग रखा जाता है। नवरात्रि में माता के पंडाल में पूजा-अर्चना और कन्या भोज के दौरान अनुसूचित जाति वर्ग की बालिकाओं को अन्य बच्चों से अलग बैठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के व्यवहार से बच्चों को मानसिक आघात पहुंचता है और उनके मन में भेदभाव की भावना पैदा होती है।
नामजद शिकायत देकर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने पुलिस को सौंपे आवेदन में कथित भेदभाव के लिए जिम्मेदार कुछ लोगों के नाम भी दिए हैं। उन्होंने मांग की कि गांव में इस तरह की प्रथा पर तत्काल रोक लगाई जाए और शिकायत में उल्लेखित लोगों की भूमिका की जांच कर दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन का नेतृत्व अखिलेश चौधरी, रामप्रसाद चौधरी, परशु चौधरी, गोपाल चौधरी, राजेंद्र बसोर, अनिल बसोर, कुसुंबी चमार, लोंग बाई चमार, ललिता बाई चमार और आरती बाई चमार सहित अन्य ग्रामीणों ने किया। मामले में पुलिस की जांच और कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
धार्मिक आयोजनों में समानता की मांग
प्रदर्शनकारियों ने शिकायत में कहा कि गांव के सभी लोग माता रानी के प्रति आस्था रखते हैं और धार्मिक आयोजनों में समान रूप से शामिल होना चाहते हैं। इसके बावजूद कथित तौर पर जाति के आधार पर दूरी बनाए जाने और साथ बैठकर भोजन करने से रोकने जैसी घटनाएं सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे के खिलाफ हैं।
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