
उज्जैन। कांग्रेस अब उन लोगों की घर वापसी को लेकर अभियान शुरू कर रही है, जो किसी न किसी कारण से पार्टी को छोड़कर चले गए थे या फिर भाजपा में शामिल हो गए थे। चुनाव के पहले होने वाली इस कवायद ने राजनीतिक हलकों में हलचल तो मचा दी है और कई नेता कांग्रेस के संपर्क में आने लगे हैं। हालांकि प्रदेश संगठन से साफ कर दिया है कि पार्टी में वापस इसी शर्त पर लिया जाएगा, जब जिला समिति इसकी अनुशंसा करेगी। वैसे छिंदवाड़ा से पार्टी इसकी शुरुआत कर चुकी है और अब दिवाली बाद बड़ी संख्या में कई कांग्रेसियों की घर वापसी की तैयारी है।
कुछ कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश संगठन से किनारा कर या तो अपने राजनीतिक आकाओं के दबाव के चलते पार्टी छोड़ दी थी या फिर सत्ता का स्वाद चखने के लिए वे भाजपा के साथ आ गए थे। वैसे अगर चंद कांग्रेसी नेताओं को छोड़ दिया जाए तो कोई बड़ी उपलब्धि किसी कांग्रेसी नेता के हाथ नहीं आई है, जिन्होंने दलबदल कर लिया था। कुछ नेता तो अंदर ही अंदर वापसी की राह देख रहे थे। अब एक बार फिर से कांग्रेस में ताकत देखकर कई नेताओं ने संगठन के माध्यम से वापसी की तैयारी कर ली है और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के संपर्क में हैं। छिंदवाड़ा से इसकी शुरुआत हो चुकी है। हालांकि कई जिलों में इसका विरोध भी हो रहा है और सत्ता के लालच में पार्टी छोडऩे वालों को वापस पार्टी में लेने पर कई नेता नाराज हैं। वैसे पटवारी ने इन सबसे बचने के लिए उन्हीं नेताओं को वापस लेने का मन बनाया है, जिनकी अनुशंसा जिले की समिति करेगी। जिले की समिति में अध्यक्ष के अलावा वरिष्ठ नेता भी रहेंगे।