
उज्जैन। मुख्यमंत्री सोमवार को पीर मत्स्येंद्रनाथ की समाधि पर पहुंचे। यहां दर्शन के बाद वे ग्राम कड़छा स्थित गुरु टेकचंद महाराज के धाम पहुंचे और उनके समाधि पर्व पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने धर्मस्थल के विकास के लिए एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गढ़कालिका माता मंदिर और भर्तृहरि गुफा के पास स्थित पीर मत्स्येंद्रनाथ की समाधि पर पूजा-अर्चना की। इसके बाद कड़छा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। जूना गुजराती दर्जी समाज के आराध्य गुरु टेकचंद महाराज की स्मृति में हर साल शरद पूर्णिमा पर यहां आयोजन होता है। मान्यता है कि 215 साल पहले इसी दिन महाराज ने जीवित समाधि ली थी।
संतों के बताए रास्ते पर चलने की बात कही
गुरु टेकचंद महाराज के समाधि पर्व पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों का जीवन परोपकार के लिए होता है। टेकचंद महाराज ने भी दान को प्राथमिकता दी और भक्ति का मार्ग अपनाया। उन्होंने कहा कि संतों की समाधियों पर पहुंचकर उनके बताए रास्ते पर चलने और अच्छे कर्म करने का संकल्प लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने उज्जैन को महानगर के रूप में विकसित करने और आसपास के जिलों को जोड़कर विस्तार देने की बात भी कही। कार्यक्रम के बाद उन्होंने मंदिर में प्रसाद लिया।
दिल्ली से महाराष्ट्र तक के लोग पहुंचे
शरद पूर्णिमा पर गुरु धाम में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से समाजजन पहुंचे। परिसर में मेला लगा। अलग-अलग समितियों ने श्रद्धालुओं के लिए चाय, खीर और भोजन प्रसादी की व्यवस्था की। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण समिति अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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