
उज्जैन। सरकार ने पिछले महीने बसों का किराया सवा रुपए प्रति किमी से बढ़ाकर दो रुपए प्रति किमी कर दिया, लेकिन उज्जैन इंदौर के बीच चलने वाली अधिकांश बसों के ऑपरेटर्स 10 से 20 प्रतिशत तक अधिक किराया वसूल रहे हैं। हाल यह है कि उज्जैन इंदौर के बीच तय बस किराया 112 रुपए है, लेकिन अधिकांश बस वाले यात्रियों से 125 से 130 तक वसूल रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि शहर के सभी बस स्टैंड से रोजाना औसतन 25 हजार यात्री आवाजाही करते हैं। यदि एक यात्री से औसत 20 रुपए भी अधिक वसूले जा रहे हैं तो यह राशि करीब 5 लाख रुपए होती है। एक यात्री ने बताया कि बस किराया तो अब बढ़ा है, लेकिन उज्जैन से इंदौर का किराया पांच साल से ज्यादा ही वसूला जा रहा है, जबकि सवा रुपए प्रति किमी के हिसाब से यह राशि 112 रुपए होना चाहिए थी। नानस्टाप और एसी बस ऑपरेटर्स 150 रुपए किराया वसूल रहे हैं। अधिकांश बसों में यात्रियों को किसी प्रकार का कोई दस्तावेज दिया ही नहीं जाता है। टिकट माँगने पर परिचालक द्वारा न केवल अभद्रता की जाती है बल्कि बस से उतारने की धमकी भी मिलती है। परिवहन निगम के अनुसार यात्री बसों में टिकट देना अनिवार्य है। निजी बस ऑपरेटर टिकट नहीं दे रहे हैं।