कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) के जन्मदिन समारोह (Birthday Celebration) के दौरान कथित हमले को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने समर्थकों के सामने संकल्प लिया कि जब तक लोकतंत्र विरोधी ताकतों को राज्य से बाहर नहीं कर दिया जाता, तब तक वह जन्मदिन का केक नहीं काटेंगे। उन्होंने इस घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे प्रायोजित बदतमीजी करार देते हुए पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा और कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंदा के इस्तीफे की मांग की।
ममता ने पुलिस कमिश्नर का इस्तीफा मांगा
ममता बनर्जी ने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामले में इस तरह की स्थिति पैदा होना गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। उनका कहना था कि कोलकाता के पुलिस कमिश्नर अजय नंदा को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।
दरअसल, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद शनिवार सुबह से ही अभिषेक बनर्जी के समर्थक उनके आवास के बाहर फूल-मालाएं लेकर जुटने लगे थे। दोपहर करीब तीन बजे जन्मदिन का केक काटने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसके लिए आवास के बाहर अस्थायी तंबू भी लगाया गया था। पुलिस ने सड़क पर कार्यक्रम आयोजित करने और भीड़ जुटने पर आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर पुलिस और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच बहस शुरू हो गई, जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई।
जनता का गुस्सा फूटा तो होगा बड़ा विस्फोट : ममता
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों को प्रलोभन देकर इलाके में भेज रही है। कालीघाट थाने के प्रभारी बलाई बाग को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस को भाजपा के इशारे पर काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने अधिकारी को अपने परिवार और पुलिस थाने की जिम्मेदारी संभालने की नसीहत भी दी।
ममता ने कहा, ‘मैं आपके बारे में सब कुछ जानती हूं, जिसमें आपकी ताकत और आपको मिलने वाली पदोन्नतियां भी शामिल हैं।’ उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जनता का गुस्सा फूटा तो बड़ा विस्फोट हो सकता है।
पुलिस पर आधी रात से कार्यकर्ताओं को परेशान करने का आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस आधी रात से ही टीएमसी कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही थी। उन्होंने वैश्वानर चटर्जी से पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने को भी कहा, ताकि संबंधित अधिकारियों को पदोन्नति नहीं मिल सके।
पुलिस कमिश्नर अजय नंदा पर निशाना साधते हुए ममता ने पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल के इस्तीफे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विनीत गोयल ने नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए पद छोड़ा था, इसलिए अजय नंदा को भी इस्तीफा दे देना चाहिए।
धार्मिक आयोजनों को लेकर भी लगाए आरोप
ममता बनर्जी ने अपने आवास के बाहर अवैध पूजा आयोजित किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा पर धर्म को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि त्योहार से पहले ही कुछ लोग हिंसा पर उतारू हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें दुष्कर्म, हत्या तथा पोक्सो अधिनियम के मामलों में फंसाया जा रहा है।
ममता ने कहा कि उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ खड़ी है और इसी वजह से भाजपा परेशान है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से प्रायोजित बताते हुए पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।
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