
भोपाल। हर्षा रिछारिया (Harsha Richharia) के संन्यास को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। संत समाज के पदाधिकारियों ने इस पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे सनातन परंपरा के खिलाफ बताया है। संत समिति के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अनिलानंद महाराज ने कहा कि बार-बार संन्यास लेने की प्रक्रिया को पब्लिसिटी का माध्यम बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के कृत्य सनातन धर्म की छवि को खराब करने की कोशिश हैं।
अनिलानंद महाराज ने यह भी आशंका जताई कि इस पूरे मामले के पीछे विदेशी फंडिंग जैसी गतिविधियां भी हो सकती हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले प्रयागराज के सिंहस्थ आयोजन को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी और अब उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को भी बिगाड़ने की तैयारी की जा रही है।
संत समाज ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस तरह के मामलों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर हर्षा रिछारिया जैसे लोगों पर रोक लगाने की मांग की है। अनिलानंद महाराज ने यह भी कहा कि कुछ दिन पहले तक मॉडलिंग करने के बाद अचानक संन्यास लेना, संन्यास परंपरा का मजाक उड़ाने जैसा है।
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