
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Congress President Mallikarjun Kharge) के आवास पर ‘इंडिया’ गठबंधन (‘INDIA’ alliance) का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया गया. लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने इस महाभियोग कार्यक्रम की अध्यक्षता की. कार्यक्रम में बोलते हुए खरगे ने कहा कि वोट का अधिकार खतरे में है, हम लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं.
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘CEC ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सीधे निर्देशों पर चुनाव आयोग चला रहे हैं. सात महीने पहले विपक्ष के 193 सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में CEC को हटाने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन हमारे नोटिस खारिज कर दिए गए और उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. इसलिए, आज हम जो प्रस्ताव लाए हैं, उसका उद्देश्य एक संवैधानिक संस्था की गरिमा की रक्षा करना है. CEC के खिलाफ हमारी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है. हमारा मकसद यह है कि चुनाव आयोग संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्ष होकर काम करे, ताकि आम आदमी का उस पर भरोसा बना रहे. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कमजोर वर्गों, महिलाओं और युवाओं के वोटिंग अधिकार, दिल्ली में बैठे किसी व्यक्ति द्वारा चुपके से कंप्यूटर से हटा न दिए जाएं’.
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
खरगे ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए आगे कहा, ‘2014 से सत्ता हथियाने और उसे बनाए रखने के लिए हर मुमकिन साजिश रची गई है. उन्होंने सांसदों को तोड़ा है, राजनीतिक पार्टियों को बिखेरा है, सरकारों को गिराया है और इलेक्टोरल बॉन्ड, ED और CBI का इस्तेमाल किया है और अब वो वोट भी चुरा रहे हैं. हमारे पास वोट चोरी के ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं’.
CEC ज्ञानेश कुमार पर भी बोला हमला
उन्होंने ‘मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023’ का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून की वजह से ही ज्ञानेश कुमार इस चोरी को अंजाम दे पा रहे हैं. यह कानून दिसंबर 2023 में विपक्ष के 145 सांसदों को निलंबित करके पास किया गया था. यह शर्मनाक और अपमानजनक है. यह कानून चुनाव आयुक्तों को जीवन भर के लिए एक सुरक्षा कवच देता है, एक ऐसा सुरक्षा कवच जो भारत के राष्ट्रपति या मुख्य न्यायाधीश को भी हासिल नहीं है.
‘SIR के जरिए बीजेपी के विरोधियों का वोट हटाना था मकसद’
खरगे ने कहा, ‘ECI ने रातों-रात SIR की घोषणा कर दी. इसे पूरे देश में लागू किया गया, जिसका असल मकसद BJP के विरोधियों के वोट हटाना था. मोदी सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बाहरी लोगों और घुसपैठियों का बहाना ले रही है. उनका आरोप है कि हम घुसपैठियों को शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसा बिल्कुल नहीं है, हम तो बस असली और वैध मतदाताओं के नाम बने रहने की वकालत कर रहे हैं. हम ऐसा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कर रहे हैं’.
खरगे ने CEC पर लगाए 6 आरोप
पहला आरोप- चुनाव चोरी की साजिश की गई.
दूसरा आरोप- 13.2 करोड़ वोटर के नाम हटाए.
तीसरा आरोप- बिना संसद की मंजूरी फॉर्म-6 में संशोधन किया. फॉर्म-6 में गैरकानूनी बदलाव किया गया.
चौथा आरोप- ECINET के लिए वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ हुई.
पांचवां आरोप- सीईसी ने मोदी-शाह के इशारे पर काम किया.
छठा आरोप- अन्य दो आयुक्तों को बाहर रखा.
मीरा कुमार ने क्या कहा?
इस महाभियोग कार्यक्रम की शुरुआत में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और कांग्रेस नेता मीरा कुमार ने कहा, ‘यह तय किया गया है कि ‘इंडिया’ गठबंधन एक बैठक बुलाएगा, जिसमें ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा. राज्यसभा में यह महाभियोग प्रस्ताव विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे पेश करेंगे, जो इसके बाद एक बयान भी देंगे. हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका समेत दुनिया भर के देश हमारी ओर देखते हैं और हमारे लोकतंत्र के मॉडल का अनुसरण करते हैं’.
उन्होंने आगे कहा किहमारा लोकतंत्र चुनावों की ताकत से चलता है, और इस चुनावी ताकत के केंद्र में मतदाता की आत्मा बसती है. पूरी चुनावी प्रक्रिया में मतदाता ही मुख्य केंद्र बिंदु होता है. अगर किसी एक मतदाता को भी वोट देने के अधिकार से वंचित किया जाता है, तो यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा प्रहार है. किसी को वोट देने से रोकना हमारे लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाता है.
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